हरोली/ऊना, 30 अक्तूबर:- उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र में 36 करोड़ पांच लाख 62 हजार रुपये की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आठ योजनाएं जनता को समर्पित कीं, जबकि दो नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लोकार्पित आठों योजनाओं से कुल 205 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, वहीं 24.10 करोड़ रुपये से बनने वाली टाहलीवाल की सीवरेज योजना से करीब पांच हजार लोगों को लाभ पहुंचेगा।

उपमुख्यमंत्री ने टाहलीवाल नगर की सीवरेज योजना का शिलान्यास किया। 24 करोड़ 10 लाख 44 हजार रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना से करीब पांच हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही तीन करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपये की लागत से टाहलीवाल की पुरानी जलापूर्ति योजना के हेरिटेज ढांचे के संरक्षण, नए पंप हाउस के निर्माण, चारदीवारी तथा जल शक्ति विभाग की योजना परिसर में नाली निर्माण कार्य की आधारशिला भी रखी।

उन्होंने गोंदपुर जयचंद के बेहली में एक करोड़ 10 लाख रुपये, अपर क्षेत्र में एक करोड़ 24 लाख रुपये, नंगल कलां में एक करोड़ 25 लाख रुपये, बिलना में एक करोड़ चार लाख रुपये तथा अजौली में एक करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से तैयार लिफ्ट इरिगेशन योजनाओं का लोकार्पण किया। इन पांचों योजनाओं से 124 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

इसके अतिरिक्त कांटे में 96 लाख रुपये, हरोली में सहकारी सभा के निकट एक करोड़ सात लाख 89 हजार रुपये तथा खड्ड में ट्यूबवेल नंबर 32 के स्रोत, राइजिंग मेन और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए 90 लाख रुपये की लागत से किए गए कार्यों का भी लोकार्पण किया। इन तीनों कार्यों से क्रमशः 26, 30 और 25 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा।


उपमुख्यमंत्री ने किया ऐतिहासिक लाजपत राय वाटर वर्क्स परिसर का निरीक्षण

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने टाहलीवाल स्थित वर्ष 1949 में स्थापित ऐतिहासिक लाजपत राय वाटर वर्क्स परिसर का भी निरीक्षण किया। इस ऐतिहासिक जलापूर्ति योजना को वाटर सप्लाई हेरिटेज म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पुराने पंप हाउस, विंटेज पंपिंग मशीनरी और तत्कालीन जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी विरासत का पुनर्संरक्षण कर उसे संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाएगा। योजना के ऐतिहासिक ढांचे के संरक्षण, नए पंप हाउस, चारदीवारी और परिसर में नाली निर्माण के कार्यों पर तीन करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि लाजपत राय वाटर वर्क्स का उद्घाटन 6 दिसंबर 1949 को तत्कालीन पूर्वी पंजाब के राज्यपाल सर चंदूलाल एम. त्रिवेदी ने किया था। उस समय यह योजना बीत क्षेत्र के 31 गांवों की करीब 20 हजार आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बनाई गई थी। इसमें इंग्लैंड से मंगवाए गए 156 हॉर्स पावर के दो रस्टन डीजल इंजन स्थापित किए गए थे, जिनसे वर्ष 1974 तक पेयजल आपूर्ति होती रही। ऐतिहासिक पंप हाउस और उस दौर की मशीनरी आज भी सुरक्षित है। म्यूजियम के रूप में विकसित होने के बाद यह परिसर प्रदेश में पेयजल व्यवस्था के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को संजोने के साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव रणजीत राणा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, हरोली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह औजला व सुलिंदर पाल कौर, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय, कांगड़ के प्रधान विनोद बिट्टू, लोअर पंजावर के प्रधान प्रमोद कुमार, पालकवाह की प्रधान अंजना कुमारी, भैणी खड्ड की प्रधान वंदना देवी, अप्पर खड्ड की प्रधान उर्मिला देवी, धर्मपुर की प्रधान सुभद्रा चौधरी, हिमकैप्स के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कैप्टन शक्ति चंद, हरोली की पूर्व प्रधान रमन कुमारी, मुख्य अभियंता रोहित दूबे, अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान, अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा और हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल सहित अन्य पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और अधिकारी उपस्थित रहे।