जम्मू (जम्मू-कश्मीर):- जम्मू रेलवे स्टेशन के पास स्थित शिव मार्केट, जो कभी चहल-पहल वाला कारोबारी केंद्र था, सोमवार सुबह तबाही का मंजर पेश कर रही थी। करीब चार दशक पुरानी इस मार्केट का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो चुका था। यहां की लगभग 40 दुकानें आग की भेंट चढ़ गईं। जहां एक दिन पहले तक कारोबार की रौनक थी, वहां अब जले हुए ढांचे और मलबे के ढेर दिखाई दे रहे थे।

हवा में जले हुए सामान की तेज बदबू फैली हुई थी। दुकानदार मलबे में अपना सामान तलाश रहे थे और नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ जो कुछ बचा था, उसे निकालने की कोशिश कर रहे थे। कई कारोबारियों के लिए तबाही के इस मंजर पर यकीन करना मुश्किल था। सूखे मेवे, कंबल, शॉल, कपड़े और रेडीमेड वस्त्र बेचने वाली करीब 40 दुकानें आग में जलकर राख हो गईं। वहां राख और क्षतिग्रस्त ढांचों के अलावा कुछ खास नहीं बचा था।

रविवार देर रात लगी आग भीड़भाड़ वाले बाजार में तेजी से फैल गई। हवा चलने के कारण आग ने और भी भयानक रूप धारण कर लिया। अनुमान है कि इस अग्निकांड से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

एक दुकानदार अशोक कुमार ने पीटीआई को बताया, “हमने वर्षों की मेहनत से अपना कारोबार खड़ा किया था, लेकिन एक ही रात में सब कुछ राख हो गया। हमें समझ नहीं आ रहा कि अब कहां से शुरुआत करें और इस नुकसान की भरपाई कैसे करेंगे।” करीब दो दशक से बाजार में काम कर रहे अशोक कुमार ने कहा कि इस तबाही से सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। यहां के कारोबार से करीब 300 कर्मचारी जुड़े हुए हैं और उनके परिवारों को भी इस आग का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

एक अन्य कारोबारी मोहन ने कहा, “आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि हम ज्यादा सामान नहीं बचा सके। कर्मचारी रात को यहां आए और सामान निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कुछ खास बचाया नहीं जा सका।” उन्होंने बताया कि आग में उनकी चार दुकानें जल गईं। कारोबारियों ने बाजार की तंग गलियों की ओर भी ध्यान दिलाया, जिनके कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में मुश्किल हुई।

कारोबारियों को यह नुकसान ऐसे समय हुआ है, जब त्योहारों का सीजन आने वाला है। दुकानदार राज कुमार ने कहा कि उन्हें त्योहारों के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, क्योंकि रेलवे स्टेशन के पास होने और माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के कारण बाजार में काफी ग्राहक आते हैं। एक अन्य दुकानदार बिट्टू शर्मा ने कहा कि यदि दमकल की गाड़ियां डेढ़ घंटे देर से नहीं पहुंचतीं, तो काफी नुकसान होने से बचाया जा सकता था।

रात में घटनास्थल का दौरा करने वाले भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष विश्व मित्र ने कहा कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार आग में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है। परेशान दुकानदारों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि नुकसान का प्राथमिकता के आधार पर आकलन करके उचित मुआवजा और राहत पैकेज दिया जाए, ताकि वे अपना कारोबार और जीवन फिर से पटरी पर ला सकें।