होशियारपुर, 03 अक्तूबर (दलजीत अजनोहा):- 30 सितंबर को फ्लाईदुबई एयरलाइन की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान, जिसे भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार चला रहे थे, कैप्टन स्मित की सजगता तथा बहादुरी के कारण भीषण दुर्घटना से बच गई, वरना विमान में सवार 174 बेकसूरों की कीमती जानें बेवजह खत्म हो जातीं। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है कि पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के शौर्य की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। अगर यह जहाज सह-पायलट की योजना के अनुसार किसी इमारत से टकरा दिया जाता तो अधिक मानवीय जानों का नुकसान हो सकता था, जैसे कि 9-11 की दुर्घटना में हुआ था।

उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण में कैप्टन स्मित मच्छार की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल के जरिए हुई बातचीत अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें पायलट स्मित ने कहा है कि इस भीषण संकट की घड़ी में उनके सामने केवल 174 कीमती जानें बचाने का लक्ष्य था तथा नैतिक सहारे के लिए उन्होंने आस्था का पल्लू पकड़कर हनुमान चालीसा का निरंतर पाठ किया। श्री सूद ने कहा कि पायलट मच्छार की बहादुरी ने साबित कर दिया है कि आस्था तथा संस्कार व्यक्ति को कठिन से कठिन संकट से भी बाहर निकाल सकते हैं। यह भारतीय संस्कार ही थे, जिसके कारण कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सह-पायलट द्वारा चाकुओं से बुरी तरह घायल किए जाने के बावजूद बहादुरी दिखाई तथा जहाज को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया। ऐसा करके पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने पूरे जगत में भारत का सिर ऊंचा किया तथा बहादुरी की मिसाल पेश की।