हिसार, 20 मार्च : गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग द्वारा “न्यूरोविकासात्मक विकार” विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एम.एससी. मनोविज्ञान, पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग तथा एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड काउंसलिंग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई।
कार्यशाला के संसाधन व्यक्ति के रूप में राजपाल सिंह बासनीवाल (वरिष्ठ पुनर्वास पेशेवर, दिव्यांग एकाधिकार पुनर्वास ट्रस्ट, हिसार) एवं डॉ. शिवांशी तोमर (मनोवैज्ञानिक) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में न्यूरोविकासात्मक विकारों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए मनोविज्ञान के विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में विशेष दक्षता प्राप्त करनी चाहिए।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एडीएचडी, इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी, स्पेसिफिक लर्निंग डिसऑर्डर एवं डेवलपमेंटल कोऑर्डिनेशन डिसऑर्डर जैसे प्रमुख विकारों के लक्षण, कारण (एटियोलॉजी) एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये विकार बचपन में मस्तिष्क के विकास के दौरान उत्पन्न होते हैं और व्यक्ति के व्यवहार, सीखने एवं सामाजिक जीवन को प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञों ने ऑटिज़्म के प्रबंधन के महत्व पर विशेष जोर देते हुए “वर्चुअल ऑटिज़्म” की बढ़ती समस्या पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अत्यधिक इंटरनेट और स्क्रीन उपयोग के कारण बच्चों में सामाजिक संपर्क की कमी तथा ध्यान में कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कार्यशाला की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) एवं क्लीनिकल एक्सपोज़र भी प्रदान किया गया। वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को इन विकारों की पहचान, मूल्यांकन एवं उपचार प्रक्रियाओं के बारे में समझाया गया।
इस अवसर पर तनाव प्रबंधन से संबंधित एक संक्षिप्त अभ्यास भी कराया गया, जिसमें श्वास-प्रश्वास एवं हाथों की गतिविधियों के माध्यम से मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम का संचालन साक्षी एवं भारती द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. पूनम, डॉ. गोबिंद यादव एवं डॉ. मोनिका भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. स्नेहा मित्तल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में न्यूरोविकासात्मक विकार पर कार्यशाला छात्रों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
