करनाल, 21 अक्टूबर (प्रवीण वालिया):- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने के फैसले को तुरंत वापस लेने की घोषणा नहीं की गई, तो भाजपा को इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले को लेकर जनता में भारी रोष है।
बुधवार को दादुपुर रोडान स्थित मराठा भवन में आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत में बिजली के निजीकरण के विरोध में भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाकर लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की प्रतियां भी जलाई गईं। महापंचायत का संचालन प्रदेश संगठन सचिव शाम सिंह मान ने किया। भाकियू के वरिष्ठ किसान नेता प्रेमचंद शाहपुर और कोर कमेटी के चेयरमैन यशपाल राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। महापंचायत में खेड़ी नरू, घोघड़ीपुर, कतलाहेड़ी, शाहपुर, औगंद और दादुपुर गांवों के किसानों ने भाग लिया।
रतन मान ने कहा कि बिजली विभाग किसानों और मजदूरों के पैसों से खड़ा किया गया है। इसलिए इस विभाग पर निजी कंपनियों को किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। सरकार के दावों को खारिज करते हुए मान ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने से उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह जनता को भ्रमित करने का प्रयास मात्र है।
किसान नेता रतन मान ने अपने संबोधन में ऐलान किया कि बिजली वितरण के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस देने, स्मार्ट मीटर योजना लागू करने और किसानों के खिलाफ एग्री-डिस्कॉम का गठन करने का जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
इस अवसर पर भाकियू के पूर्व प्रधान राम सिंह दादुपुर, किसान नेता नफे सिंह तावड़े, हिसम सिंह, मेहर सिंह, बाबूराम, शेर सिंह कश्यप, ईशम सिंह और सूरत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर मौजूद थे।
दादुपुर भाकियू कमेटी का गठन
दादुपुर गांव में भाकियू कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में कर्मबीर सिंह, बाबूराम पहलवान, सतपाल, मोहर सिंह, ज्ञानचंद, बालीराम, सुभाष, जसबीर सिंह और जयप्रकाश को शामिल किया गया। कमेटी में शामिल हुए बाबूराम पहलवान और कर्मबीर सिंह ने गांव की ओर से आंदोलन में बढ़-चढ़कर योगदान देने का भरोसा दिलाया।
