लुधियाना, 25 सितंबर 2026:- गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना के विद्यार्थी कल्याण निदेशालय के एनएसएस विंग द्वारा एनएसएस दिवस के अवसर पर कॉलेज ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी के सभागार में विशेष व्याख्यान सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवकों को छात्र सुरक्षा, जिम्मेदार नागरिकता और समाज के प्रति उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान दो जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। पहला व्याख्यान “रैगिंग के प्रति शून्य सहनशीलता: छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करना” विषय पर पंजाब विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र, लुधियाना के निदेशक डॉ. आशीष विर्क ने दिया। दूसरा सत्र “समुदाय के प्रति सामाजिक जिम्मेदारियां और कर्तव्य” विषय पर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, लुधियाना के प्रोफेसर डॉ. अमन अमृत चीमा ने दिया।

कुलपति डॉ. जेपीएस गिल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं और उन्हें समाज के जिम्मेदार सदस्य बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

इस अवसर पर कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस के डीन डॉ. एस.एस. रंधावा ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और जिम्मेदार परिसर का वातावरण आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में अनुशासन, आपसी सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखने का आग्रह किया।

विद्यार्थी कल्याण निदेशक डॉ. जे.एस. हुंदल ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को सामाजिक प्रतिबद्धता और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और व्यापक समुदाय में सकारात्मक योगदान देने के लिए सशक्त बनाने में जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला।

सहायक निदेशक प्रकाशन डॉ. निधि शर्मा ने सत्र का संचालन किया और विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने सहयोगपूर्ण, समावेशी और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, जिनमें कॉलेज ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी से डॉ. विशाल शर्मा और कॉलेज ऑफ फिशरीज से डॉ. एस.एस. हसन शामिल थे, के साथ विद्यार्थी और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सत्र का समापन एनाटॉमी विभाग की प्रमुख डॉ. अनुराधा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस दौरान सामूहिक जिम्मेदारी, छात्र सुरक्षा और सार्थक सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।