चंडीगढ:- चंडीगढ के अगले एक साल के कार्यकाल के मेयर के आज हुए चुनाव में भाजपा के सौरभ जोशी मेयर चुने गए। मेयर चुनाव में चुने हुए 36 पार्षदों ने वोटिंग कर शहर का नया मेयर चुना। इस बार गुप्त मतदान की जगह हाथ खड़े कर कर चुनाव कराए गए। मेयर चुनाव में भाजपा की ओर से सौरभ जोशी, कांग्रेस पार्टी की ओर से गुरप्रीत सिंह गाबी और आम आदमी पार्टी की ओर से योगेश ढींगरा चुनाव मैदान थे।
सौरभ जोशी को 18, गुरप्रीत सिंह गाबी को 7 और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को 11 वोट मिले। जैसे ही मेयर चुनाव के नतीजे घोषित किए गए तो नए चुने गए मेयर सौरभ जोशी अपने पिता की फोटो लेकर मेयर सीट पर पहुंचे और उन्हें नमन किया। पद संभालने के बाद जोशी ने कहा कि एक पिता की तपस्या, एक बेटे का संकल्प। मैं वहां से आया हूं जहां राजनीति शोर नहीं थी, सेवा एक संस्कार थी।
उन्होंने आज इस मुकाम पर पहुंचने के लिए अपने परिवार सहित माता-पिता के संस्कारों को समर्पित किया। मेयर पर बैठने से पहले सौरभ जोशी ने सभी पक्ष और विपक्षी पार्षदों का धन्यवाद किया और उन्हें अपने मेयर काल के दौरान राजनीति से ऊपर उठकर सभी से मिलकर शहर के विकास और लोगों की भलाई के लिए कार्य करने का वादा किया। उन्होंने अपने वार्ड वासियों की ओर से दिए गए स्नेह को लेकर भी धन्यवाद किया।
चुनाव प्रक्रिया प्रिजाइडिंग अफसर रमणीक बेदी ने शुरू करवाई। सबसे पहले कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोटिंग हुई। 'आप' ने मेयर चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं किया तभी तय हो गया था कि भाजपा ही चुनाव जीतेगी। इसके बाद भाजपा उम्मीदवार के लिए हाथ उठवाए गए। जोशी को 18 वोट मिले। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की वोटिंग के बाद वाॅकआउट किया। सबसे अंत में आप के उम्मीदवार योगेश ढींगरा के लिए मतदान हुआ। ढींगरा को 11 वोट मिले।
पार्टी के लिए बगावती तेवर दिखाने वाले रामचंद्र यादव ने भी अपना वोट ढींगरा को ही दिया। इस बार मेयर चुनाव की वीडियोग्राफी भी करवाई गई ताकि धांधली की कोई गुजाइश न रहे। इसके बाद हुए सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में भाजपा के जसमनप्रीत सिंह जीत गए। डिप्टी मेयर चुनाव भी भाजपा की सुमन देवी जीत गई है। रामचंद्र यादव ने चुनाव से पहले अपना नाम वापस ले लिया।
जोशी ने कहा कि जिस तरह से सीनियर लीडरशिप ने मुझ पर भरोसा किया और मुझे मौका दिया, मैं बूथ लेवल के बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि मैं 1989 में पहली बार बूथ पर बैठा था और आज सीनियर लीडरशिप ने मुझे इस पद तक पहुँचाया है।
