ऊना, 7 मार्च:- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी द्वारा हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा तथा हरियाणा से दलित जुझारू नेता कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर इंटक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। यह बात राष्ट्रीय इंटक के सचिव एवं प्रदेश इंटक के महासचिव कामरेड जगत राम शर्मा ने जारी एक प्रेस नोट में कही।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी हिमाचल से वरिष्ठ इंटक नेता के रूप में राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाने की मांग उठाई थी और इसकी प्रतिलिपियां मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा मंत्री विक्रमादित्य सिंह को लिखित रूप में भेजी थी।
जगत राम शर्मा ने कहा कि अनुराग शर्मा को हिमाचल से राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया है और उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है क्योंकि भाजपा ने अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। उन्होंने कहा कि अनुराग शर्मा पिछले करीब 30 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं और जमीनी स्तर पर जनता के मुद्दों को भलीभांति जानते हैं। उनका जिला स्तर से ऊंचे पद तक पहुंचना जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर की याद दिलाता है, जब जुझारू, ईमानदार और संघर्षशील कार्यकर्ताओं को पहचान मिलती थी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस के भीतर कुछ महत्वाकांक्षी तत्वों की घुसपैठ से संगठन को नुकसान हुआ और पार्टी का ग्राफ नीचे गिरा, लेकिन अब दौर बदल रहा है और जमीनी स्तर के नेताओं को आगे लाया जा रहा है।
जगत राम शर्मा ने हरियाणा से दलित नेता कर्मवीर सिंह बौद्ध को भी राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और वे नेकदिल तथा पार्टी के प्रति निष्ठावान नेता हैं। उन्होंने कहा कि कर्मवीर सिंह बौद्ध महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बी. आर. अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं और संविधान बचाओ अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में कर्मवीर सिंह बौद्ध ने दलित समुदाय की एक बैठक में भी भाग लिया था, जिसमें वे स्वयं भी उपस्थित रहे थे। यह बैठक स्थानीय बचत भवन ऊना में आयोजित हुई थी।
कामरेड जगत राम शर्मा ने कहा कि ऐसे जुझारू और जमीनी नेता जब राज्यसभा में जाएंगे तो जनता से जुड़े मुद्दे मजबूती से उठेंगे और उनका समाधान भी संभव होगा। इससे न केवल हिमाचल और हरियाणा के लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि देश की जनता के असली मुद्दे भी सामने आएंगे।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर बड़े मौके मिलने के बावजूद चुनाव हार गए, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस को अनुभवी, ईमानदार और संघर्षशील नेताओं की आवश्यकता है जो मंचों से भाजपा की आर्थिक और राजनीतिक नीतियों पर मजबूती से सवाल उठा सकें। उन्होंने कहा कि उम्र कोई बाधा नहीं है और कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय इंटक अध्यक्ष संजीव रेड्डी से प्रेरणा लेकर संगठन को मजबूत करने का कार्य करना चाहिए।