करनाल, 15 फरवरी:- करनाल के सेक्टर-7 में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी ने देशवासियों से राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र गौरव को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व गुरु बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है और सनातन संस्कृति का प्रभाव पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में हमें अपनी प्राचीन परंपराओं पर गर्व करना चाहिए और आत्मबोध विकसित करना चाहिए। 
स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत की संसद और विधानसभाओं में व्यास पीठ की स्थापना होगी और राजनीति धर्म के मार्गदर्शन में चलेगी। उन्होंने कहा कि अच्छे दिन जरूर आए हैं, लेकिन हमें सोना नहीं है बल्कि राष्ट्र के प्रति और अधिक जागरूक होकर कार्य करना होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह प्रचार प्रमुख विक्रांत जी थे। 
उन्होंने संघ के सौ वर्षों के गौरवशाली सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ का स्वयंसेवक अपने लिए नहीं बल्कि समाज के लिए जीता है। उनका सपना राष्ट्र के गौरव के लिए स्वयं को समर्पित करना होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। विक्रांत जी ने कहा कि संघ के लिए यह गर्व का विषय है कि आज उसका एक प्रचारक देश के सर्वोच्च पद पर आसीन है। 
उन्होंने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में पांच उद्देश्यों और पांच संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। साथ ही हरियाणा और करनाल का संघ की स्थापना और विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन चुका है और इस वर्ष ग्राम, मंडल और बस्ती स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित कर समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है। 
इस अवसर पर ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय प्रजापिता विश्वविद्यालय से शिखा बहन, आनंद कुठिया के महंत नवीन आनंद, दिव्य योग आश्रम से श्रीमती दमयंती शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। 
आयोजन समिति के प्रधान विमल बंसल, संदीप तनेजा, विजय गिरधर, शहीद विनय नरवाल के दादा हवा सिंह, मदन लाल खुराना, मीनू चावला, स्वदेशी जागरण मंच से सतीश चावला, हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग से आजाद सिंह, विश्व हिंदू परिषद से सतीश गुप्ता, नवीन गोयल, सुरेंद्र गोयल, भाजपा नेता मानव पुरी, जैन समाज से रमन जैन व नीतू जैन भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। 
कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई, जिसमें 51 महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर कार्यक्रम स्थल तक शोभायात्रा निकाली। इसके बाद भारत माता और भगवा राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। बच्चों ने भगवान के स्वरूप धारण कर सुंदर प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया।