करनाल, 7 नवम्बर: डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का देश की आजादी के लिए अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस गीत ने राष्ट्रीय की चेतना में आजादी की भावना को जगा कर पूरे भारत वर्ष को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। यह गीत 1886 में बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा लिखा गया। जोकि मातृभूमि को समर्पित है। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के अभियान का अभिन्न अंग बना। उस समय हर कार्यक्रम की शुरूआत व समापन इसी गीत से होती थी।
डीसी उत्तम सिंह शुक्रवार को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज  के सभागार में वंदे मातरम् गीत  के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित व भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई वंदे मातरम् पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन सुना। कार्यक्रम में वंदे मातरम् गीत से जुड़े सांस्कृति प्रस्तुतियां विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा दी गई।
उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश भर में गीत के महत्व को याद किया जा रहा है। पहली बार 1886 में आनंदमठ उपन्यास में इस गीत का प्रकाशन हुआ था। अरविंद घोष ने इस गीत को भारत की मुक्ति का मंत्र बताया। आजादी के आंदोलन में यह गीत हर भारतीय की जुबान पर था। इस गीत से साहस व आत्मबल मिला, जिससे सभी ने मिलकर आजादी की लड़ाई में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् गीत स्वदेशी, स्वाभिमान व सेवा के भाव को हर भारतीय के मन में भरता है। यह  सिर्फ़ एक गीत नहीं देश की आत्मा है। जिस प्रकार राष्ट्रीय गान देश की एकता को प्रदर्शित करता है। उसी प्रकार राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् राष्ट्र की आध्यात्मिकता को दर्शाता है। उन्होंने सभी से गीत की भावना को अपने जीवन में आत्मसात् करने का आह्वान किया। 
उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पहले यह गीत जितना प्रासंगिक था, उससे अधिक आज के समय में भी है। आज जब हम विकासशील से विकसित भारत की बात करते हैं। इस राह में हमें स्वदेशी को अपनाना होगा और अपना योगदान देना होगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि सेवा व समर्पण के भाव को अपने जीवन में अवश्य अपनाएं। इसी से समाज व देश का भला हो सकता है। यह सामाजिक जिम्मेदारी के साथ साथ हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। राष्ट्रगीत के भाव को अपने सामाजिक जीवन में अवश्य उतारें।                                                                      इस मौके पर एसपी गंगाराम पुनिया, एसडीएम अनुभव मेहता,एमडी शुगर मिल अदिति, सीटीएम मोनिका शर्मा,  भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, डीडीपीओ कंचन लता, डीआईपीआरओ मनोज कौशिक, उप-नगर निगम आयुक्त अभय, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी मेजर डॉ. अनीता जून,  जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ज्योत्सना मिश्रा, जीएम रोडवेज कुलदीप, रेड क्रॉस सोसाइटी सचिव कुलबीर मलिक, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।