होशियारपुर:- पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में मोदी सरकार द्वारा एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक कदम उठाते हुए चार श्रम कानूनों को लागू कर दिया है , जो पिछले 5-6 साल से लटकते चले आ रहे थे। इन कानूनों के लागू होने से श्रमिकों व कर्मचारियों को नौकरी तथा वेतन में सुरक्षा की गारंटी के साथ-साथ स्वास्थ्य की सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। सबसे अधिक लाभ महिलाओं को होगा जिन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन तथा सम्मान मिलेगा।
युवाओं को जॉब लेटर देना भी जरूरी कर दिया हैं तथा फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक साल के काम के बाद ग्रेच्युटी देने का भी प्रवधान हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के लागू होने से अब सभी मजदूरों को समय से न्यूनतम वेतन की ग्रांटी मिलनी शरू हो जाएगी तथा ओवरटाइम करने पर दोगुणा वेतन मिलेगा। गिग वर्कों को भी पीऍफ़, ईएसआई सी, बीमा व समाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया हैं तथा देश के 40 करोड़ मजदूरों को सोशल सिक्योरिटी के दायरे में लाया गया हैं।
40 साल की उम्र के ऊपर के कर्मचारी का साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य चैकअप का प्रावधान किया गया हैं तथा खतरनाक उद्योगों में 100 फी सदी हैल्थ सिक्योरिटी यकिनी बनाई गई हैं। इन सभी प्रावधानों से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार न्याय की ग्रांटी भी सुनिचित की गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मेटरनटी लीव के अंतर्गत 26 हफ्तों की पेड़ छूटी तथा क्रैच की सहुलियत मिलेगी।
फ्लैक्सीबल वर्क फ्रॉम होम का भी विकल्प मिलेगा व 3500 रुपए का मेडिकल बोनस भी निर्धारित किया गया हैं। महिलाओं के परिवार की परिभाषा में अब सास, ससुर को शामिल करने से परिवार के और अधिक सदस्यों को समाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकेगा।
इन कानूनों के लागू होने से भारत में अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं श्रमिकों को प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धी के लिए सम्पूर्ण श्रमिक जगत की और से प्रधानमंत्री नरेदर मोदी का धन्यवाद किया।
मोदी सरकार ने चार नए श्रम कानून लागू करके सामाजिक सुरक्षा की मिसाल कायम की तीक्ष्ण सूद
