रतिया 23 नवंबर:- शहीद देविंद्र सिंह ने देश की आन, बान व शान को बरकरार रखते हुए अपने प्राणों की आहुति देकर देश के सम्मान, अस्मिता व स्वतन्त्रता रूपी ज्वाला को प्रचंड कर रतिया के प्रथम शहीद होने का गौरव प्राप्त किया है। जिनका नाम सदैव गौरवमयी इतिहास के सुनहरे पन्नों में अंकित रहेगा।
शहीद देविंद्र सिंह का जन्म सरदार कर्मजीत सिंह के घर माता श्रीमती हरजीत कौर की कोख से 10 अगस्त 1978 को रतिया में हुआ। लेकिन आज शहीद देविन्द्र सिंह अपने प्राणों की आहुति देश के लिए देकर भारतवर्ष की प्रत्येक मां व पिता की आंखों का तारा बन गये। रतिया क्षेत्र में शहादत का गौरवमयी इतिहास रचने वाले जवान शहीद देविंद्र सिंह में बचपन से ही देश प्रेम का जज्बा भरा हुआ था।
जब वह रतिया में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर रहे थे तो वह फौजी बनकर देश की सेवा करने की बातें अक्सर अपने साथियों से किया करते थे। दसवीं की परीक्षा 1996 में एम पी सोत्र स्कूल से करने के उपरांत रतिया के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लऐ लिया|
देश सेवा का संकल्प मन में बसाकर वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रतिया में अपनी 12 वीं की शिक्षा को बीच में ही छोड़कर सन 1998 में भारतीय सेना में भर्ती हो गये और 8 -सिख रैजीमैंट के अन्तर्गत रामगढ़ (बिहार ) में प्रशिक्षण लेने के बाद फिरोजपुर(पंजाब) में डेढ़ वर्ष तक तनदेही से सेवा निभाई। इसी दौरान 2001 को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में भारतीय सेना द्वारा सर्च आपरेशन चलाया जा रहा था। उस समय एक टुकड़ी देविन्द्र सिंह की कमांड में तलाशी अभियान में आगे बढ़ रही थी।
अचानक ही कुख्यात आतंकी हाजी व अन्य आतंकवादीओ़ं का सेना के मध्य जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें जांबाज देविन्द्र सिंह जी चीते जैसी फुर्ती व बहादुरी से देश के दुश्मन आतंकवादी हाजी व उसके एक अन्य साथी को ढेर करके अपने अंतिम सांसों तक देश सेवा करते हुए अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी जसविंद्र कौर व एक छोटी बच्ची को छोड़ भारत माता का कर्ज उतार कर मातृभूमि की गोद में 19 नवम्बर 2001 को सदा सदा के लिए समा गये ।
शहीद देविन्द्र सिंह यादगारी ट्रस्ट रतिया द्वारा उनको समर्पित लोक चेतना, समाजसेवी कार्यक्रम, बच्चों की क्विज प्रतियोगिताएं, पर्यावरण की शुद्धता व नशों के खिलाफ चेतना रैलियों का आयोजन तथा श्रद्धांजलि समारोह लगातार हर वर्ष करता आ रहा है ।
उसी श्रृंखला में इस बार भी ट्रस्ट द्वारा 19 नवम्बर से शहीदी सप्ताह के अन्तर्गत विभिन्न विद्यालयों में नशा भगाओ, समाज बचाओ तथा पर्यावरण बचाओ, ज़िन्दगी बचाओ नारे के तहत चेतना रैलीओं तथा श्रद्धांजलि समागम आयोजित किये गये।
शहीद देविन्द्र सिंह की शहादत को समर्पित विशेष श्रद्धांजलि समारोह 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे शहीद देविन्द्र सिंह के समाधि स्थल बुढलाडा रोड पर किया जा रहा है। जिसमें क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति श्रद्धासुमन अर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे ।
शहीद देवेंद्र सिंह यादगारी ट्रस्ट रतिया द्वारा शहीद देविन्द्र सिंह के 24वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह 24 नवम्बर को समाधि स्थल बुढलाडा रोड पर होगा
