करनाल, 27 फरवरी:- करनाल रिंग रोड पर सर्विस लेन की मांग को लेकर किसान अपने आंदोलन पर पूरी तरह अडिग बने हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में चल रहा किसानों का धरना शुक्रवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार 22 दिनों से जारी इस धरने ने अब व्यापक जनसमर्थन हासिल करना शुरू कर दिया है। आज के धरने को सर्व कर्मचारी संघ और जनवादी महिला समिति ने अपना पुरजोर समर्थन दिया। दोनों संगठनों की मौजूदगी से धरनास्थल पर किसानों का हौसला और अधिक बुलंद नजर आया। धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर और जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान ममतेज ने संयुक्त रूप से की। धरने को संबोधित करते हुए एसकेएस के जिला प्रधान सुशील गुर्जर ने कहा कि रिंग रोड पर सर्विस लेन की मांग पूरी तरह जायज़ है और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सर्विस लेन नहीं बनाई गई तो किसान अपने खेतों तक कैसे पहुंचेंगे। सरकार को चाहिए कि वह धरती पुत्रों को परेशान करना बंद करे। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से किसान धरने पर बैठे हैं। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने जिला प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
धरने में विभिन्न संगठनों की भागीदारी से यह साफ संकेत मिल रहा है कि यह आंदोलन अब केवल किसानों तक सीमित नहीं रहा। बल्कि आम जनता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान ममतेज ने कहा कि महिलाओं का संगठन किसानों के इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और किसानों के हक की लड़ाई में हर स्तर पर समर्थन दिया जाएगा। धरनास्थल पर मौजूद सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि जब तक रिंग रोड पर सर्विस लेन की मांग पूरी नहीं होती। तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। बढ़ता जनसमर्थन और संगठनों की एकजुटता यह साफ दर्शा रही है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक और प्रभावशाली रूप ले सकता है।
बॉक्स
धरनास्थल पर पहुंचने के लिए रतनमान ने जताया आभार
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने धरनास्थल पर पहुंचने के लिए सर्व कर्मचारी संघ और जनवादी महिला समिति के जत्थों का आभार व्यक्त किया। रतनमान ने देश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार मजदूर, किसान और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी संगठनों को एकजुट होना होगा। 
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की नीतियां लगातार आम जनता के खिलाफ जा रही हैं और किसानों, मजदूरों व कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में सभी संगठनों को मिलकर संघर्ष करना होगा। तभी जनता की आवाज को मजबूती मिलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि आने वाले समय में सभी संगठन मिलकर नए और मजबूत आंदोलन का निर्माण करेंगे ताकि जनहित के मुद्दों पर सरकार पर प्रभावी दबाव बनाया जा सके।
ये रहे मौजूद:-
इस अवसर पर रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य उप महासचिव कृष्ण शर्मा, सीटू सह सचिव करनाल जगपाल राणा, रोशन लाल, जनवादी महिला समिति से जरासो, प्रवेश सोहाना, शिक्षा, सुनीता, बबली, शीला, शिमला, विक्रम, दीपक बदरहण सहित बड़ी संख्या में किसान, कर्मचारी और महिलाएं धरनास्थल पर मौजूद रही।