अंबाला , 21 दिसंबर:- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। पार्टी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों और मीडिया संस्थानों पर हमलों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और लोगों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह करती है।
सीपीएम नेता सतीश सेठी ने आज यहाँ कहा कि दो सबसे सम्मानित सांस्कृतिक संस्थानों छायानट और उदिची पर कायरतापूर्ण हमला हुआ है।
ऐसा लगता है कि धार्मिक कट्टरपंथी ताकतें समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटकर अल्पसंख्यकों और अपने प्रति अनुकूल न रहने वाले मीडिया संस्थानों पर हमला करके बांग्लादेश में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। धार्मिक कट्टरपंथी ताकतों के बढ़ने का न केवल बांग्लादेश पर बल्कि पूरे क्षेत्र पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
सेठी ने चेताया कि सीमा के दोनों ओर की सांप्रदायिक ताकतें एक-दूसरे को भड़काकर नफरत फैलाने के लिए स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकती हैं। इसलिए सामाजिक सद्भाव और लोकतंत्र बनाए रखना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि सीपीएम को विश्वास है कि बांग्लादेश के लोग इस कठिन समय में एकजुट रहेंगे और 1971 के मुक्ति संग्राम के मूल्यों को बनाए रखेंगे।
उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए कि सांप्रदायिक ताकतों पर लगाम लगाई जाए और हिंसा करने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। उसे यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों, जिससे लोग बिना किसी डर के अपनी इच्छा व्यक्त कर सकें।
सीपीएम ने बांग्लादेश की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की
