होशियारपुर:- श्री भगवान परशुराम सेना की बैठक प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष शर्मा की अध्यक्षता में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे क्रूर अत्याचारों के रोष में संपन्न हुई। शर्मा ने कहा कि दीपू चंद्र दास की  निर्मम हत्या और उसके शव को जिंदा जलाने की घटना  बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को दर्शाता है तथा उसकी बहनों पर बलात्कार की अमानवीय वारदात बांग्लादेशीयों की मानसिकता बताता है। 
घटना का विवरणबांग्लादेश के नोआखाली क्षेत्र में हिंदू युवक दीपू दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, उसके शव को आग लगा दी गई। उसी दौरान उसकी बहनों पर सामूहिक बलात्कार किया गया, जो इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यक हिंदुओं को लक्षित हिंसा का हिस्सा है।शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं पाकिस्तान जैसे हालात पैदा कर रही हैं, जहां धार्मिक हिंसा और असुरक्षा बढ़ गई है।
ऐसी घटनाये  2024 से जारी 1000 से अधिक अत्याचारों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जिसमें मंदिरों पर हमले और महिलाओं का शोषण शामिल है।  परशुराम सेना केंद्र सरकार से यह कड़ी और स्पष्ट मांग करती है कि तत्काल बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए। 
भारत सरकार बांग्लादेश सरकार को सख्त कूटनीतिक चेतावनी दे और यह स्पष्ट करे कि यदि वहां हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार तत्काल नहीं रुके, तो भारत सरकार को कठोर अंतरराष्ट्रीय, राजनयिक और आर्थिक कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
साथ ही परशुराम सेना यह भी मांग करती है कि भारत सरकार इस विषय को संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों पर उठाए तथा बांग्लादेश को यह स्पष्ट संदेश दे कि किसी भी कीमत पर हिंदुओं के नरसंहार, उत्पीड़न और महिलाओं पर हो रहे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस अवसर पर अजय शर्मा, सुरिन्दर शर्मा, राहुल पंडित, अर्जुन पंडित, राजेश कुमार, विशाल, पवन कुमार, योगेश कुमार आदि उपस्थित थे।