हांसी, 05 सितंबर:- शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य निर्माता होते हैं। एक शिक्षक विद्यार्थी को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उसके व्यक्तित्व का निर्माण करते हुए उसे जीवन में सही दिशा दिखाता है। शिक्षक ही ऐसे नागरिक तैयार करते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह बात हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने शनिवार को हांसी प्राइवेट स्कूल संघ हांसी द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम में पहुंचने पर आयोजकों एवं हांसी प्राइवेट स्कूल संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि मीना परमार व अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 96 स्कूलों के शिक्षकों एवं शिक्षा जगत से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित भी किया गया।
उपाध्यक्ष मीना परमार ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता थे, निर्माता हैं और भविष्य के निर्माताओं को तैयार कर रहे हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिए जाने के पीछे यही भावना है कि शिक्षक ही व्यक्ति को अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाता है और उसके जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षक की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। विद्यार्थियों के सामने शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ सोशल मीडिया, नशे तथा अन्य सामाजिक चुनौतियां भी हैं। ऐसे समय में शिक्षक विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, संस्कार, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाएं।

विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने का किया आह्वान
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का हमेशा सम्मान करें। शिक्षक द्वारा दी गई सीख को अपने जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से केवल अच्छे अंक प्राप्त करने की शिक्षा नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने की शिक्षा भी ग्रहण करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना बेहद जरूरी है। विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य तय करें तथा उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करें। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाले व्यक्ति को सफलता अवश्य मिलती है।

रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा
मीना परमार ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनकर दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नई तकनीक और बदलते समय के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करें। शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और हुनर को भी जीवन का हिस्सा बनाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

नशे से दूर रहकर लक्ष्य की ओर बढ़ें युवा
मीना परमार ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य तीनों को बर्बाद कर देता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा यदि अपने जीवन का लक्ष्य तय कर लें और उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी एवं मेहनत से प्रयास करें तो सफलता उनसे दूर नहीं रह सकती।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के महत्व को दर्शाते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षक के महत्व और शिक्षा के प्रति सम्मान की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम में सीडीएलयू के रजिस्ट्रार सुनील शर्मा, हांसी प्राइवेट स्कूल संघ के प्रधान रविंद्र अत्री, सतीश वर्मा, दिनेश कोशिक, अनिल कुमार, रामवतार, संदीप सांपला, विष्णु शर्मा, एचके शर्मा, डीएस राणा, एडवोकेट सुनीता चौधरी, उर्मिला शर्मा, मंजू रानी, पिंकी वर्मा, विकास शर्मा, आरएएस से प्रताप, इंस्पेक्टर सरोज सहित शिक्षण संस्थान के प्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक तथा शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।