फतेहाबाद /भूना 20 मार्च:- पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस के नेतृत्व में जिला पुलिस ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसमें एक व्यक्ति ने सरकारी सुरक्षा (पुलिस सिक्योरिटी) प्राप्त करने के लालच में खुद पर ही जानलेवा हमले का नाटक रचा था। थाना भूना पुलिस ने गहन जांच के बाद मुख्य शिकायतकर्ता और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
1. अजय उर्फ मंत्री पुत्र इंद्र सिंह, निवासी चोबारा (मुख्य साजिशकर्ता)।
2. अशोक कुमार उर्फ अखन पुत्र हरदत्त, निवासी चोबारा।
3. उत्तम कुमार पुत्र हरत सिंह, निवासी चोबारा।
*झूठी साजिश का विवरण*:
सीआईए रतिया प्रभारी उप-निरीक्षक प्रदीप ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अजय कुमार, जो कि शराब का ठेका चलाता है, ने 18 मार्च 2026 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके ठेके पर एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने जान से मारने की नियत से उसके सैल्समैन के ऊपर फायर किए। इस शिकायत पर पुलिस ने तुरंत धारा 109(1) BNS और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा 62/26 दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सीन ऑफ क्राइम (S.O.C) टीम और पुलिस के एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो कहानी संदिग्ध लगने लगी।
• *स्वयं करवाया हमला*: पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से खुलासा हुआ कि आरोपी अजय उर्फ मंत्री खुद को 'हाई रिस्क' पर दिखाकर पुलिस सिक्योरिटी प्राप्त करना चाहता था।
• *साथियों की भूमिका*: इसके लिए उसने अपने साथियों अशोक और उत्तम के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और फर्जी फायरिंग करवाई ताकि पुलिस प्रशासन को डराकर सुरक्षा गार्ड हासिल किया जा सके।
पुलिस को गुमराह करने, फर्जी साक्ष्य गढ़ने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने के आरोप में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच जारी है।
*फतेहाबाद पुलिस की सख्त चेतावनी*:एसपी श्री सिद्धांत जैन ने कहा है कि पुलिस सुरक्षा कोई स्टेटस सिंबल नहीं है, बल्कि यह केवल जरूरत पड़ने पर ही प्रदान की जाती है। पुलिस को गुमराह करने या निजी फायदे के लिए फर्जी हमले की साजिश रचना एक गंभीर अपराध है। जो लोग कानून के साथ इस तरह का खिलवाड़ करेंगे, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस का समय और संसाधन वास्तविक पीड़ितों की मदद के लिए हैं, न कि ऐसी फर्जी साजिशों की जांच के लिए।
