लुधियाना-09-जुलाई 2026:- विश्वविद्यालय किसानों के किसी भी मार्गदर्शन अथवा चुनौती के समय सदैव उनके साथ खड़ा है, यह विचार गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के उप-कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने रखे । उन्होंने ये वक्तव्य डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षु किसानों के साथ संवाद करते हुए दिया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षुओं के साथ अपना ज्ञान और अनुभव साझा करते हुए उन्हें लाभकारी उद्यमी बनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने वित्तीय योजना, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा बाजार-आधारित डेयरी फार्मिंग के महत्व पर विशेष बल दिया। डॉ. गिल ने किसानों को तरल दूध की बिक्री तक सीमित न रहकर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों के निर्माण, ब्रांडिंग और सामूहिक विपणन के क्षेत्र में कदम बढ़ाने की सलाह दी।
उन्होंने प्रतिभागियों को अपने निवेश की समझदारी से योजना बनाने, केवल श्रमिकों पर निर्भर रहने के बजाय फार्म के दैनिक प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए विश्वविद्यालय से जुड़े रहने का सुझाव दिया। उन्होंने इस क्षेत्र में स्थापित होने वाले सभी नए स्टार्टअप्स को पूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
सत्र के दौरान उन्होंने प्रशिक्षुओं से सुझाव भी आमंत्रित किए और विश्वास दिलाया कि भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उनके सुझावों को शामिल किया जाएगा।
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, प्रसार शिक्षा निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी फार्मिंग में सफलता के लिए धैर्य, लगन और निरंतर सीखने की भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रगतिशील डेयरी किसानों से सीखने, अनावश्यक खर्चों से बचने तथा विश्वविद्यालय की प्रसार सेवाओं, प्रकाशनों, उद्यमिता सहायता और विपणन पहलों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव का समन्वय ही सफल डेयरी उद्यम की मजबूत नींव है।
डॉ. जसविंदर सिंह, प्रसार शिक्षा विभाग के प्रमुख ने बताया कि प्रसार विंग पशुपालकों तथा पशुपालन क्षेत्र के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि पंजाब के 12 जिलों से पांच महिला प्रतिभागियों सहित कुल 64 प्रशिक्षु वर्तमान में चल रहे दो सप्ताह के डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
सही वित्तीय योजना वैज्ञानिक प्रबंधन और उपयुक्त विपणन डेयरी फार्मिंग की सफलता की कुंजी डॉ गिल उपकुलपति
