हिसार: मातृभूमि सेवा संघ, गौसेवा गतिविधि एवं काबरेल के केशव माधव धाम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सरस्वती कॉलेज प्रांगण में श्रीमद गौ भागवत कथा का शुभारंभ विधि-विधान से किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक दीदी ने गोमाता की महिमा से साक्षात्कार करवाते हुए श्रीमद गौ भागवत कथा के उद्देश्य को समझाया।
 उन्होंने कहा कि हमारे तीर्थ, त्योहार और पौराणिक कथाओं से गोमाता जुड़ी हुई है। धर्म ग्रंथ साक्षी हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं गोचारण किया और अनगिनत श्रद्धालु हर वर्ष पूरे उत्साह के साथ गोपाष्मी मनाते हैं। गोवर्धन पर्वत के प्रसंग को समझकर सहज ही गोमाता का महत्व समझा जा सकता है।
 कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक ने श्रीमद गौ भागवत कथा के दौरान कहा कि स्वास्थ्य व खुशहाली के लिए इंसान को गौ आधारित जीवन जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग नियमित रूप से पंचगव्य उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, वे इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सौभाग्यशाली इंसान को ही गौकथा श्रवण करने का अवसर मिलता है। दरअसल गौकथा दिव्यजीवी बनाती है। यह सर्वकल्याणकारी और पुण्य को बढ़ाने वाली है और अमृत के समान है।
    हिसार के तोशाम रोड पर स्थित सरस्वती कॉलेज के प्रांगण शुरू हुई श्रीमद गौ भागवत कथा के दौरान अखिल भारतीय गौ सेवा संयोजक अजीत महापात्रा, एफसीआई के सेवानिवृत्त उच्च अधिकारी देशराज मनचंदा, परम गौभक्त व समाजसेवी बजरंग जिंदल, गौसेवा गतिविधि जिला संयोजक एवं प्रांत गौकथा प्रमुख राजवीर एवं कमल सर्राफ ने दीप प्रज्ज्वलित किया। 
इस अवसर पर गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान संचालन समिति के व्यवस्था प्रमुख विकास ढल, विजय ढल व दीपक ढल परिवार सहित मौजूद रहे। इस दौरान मंच संचालन नीरज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सह व्यवस्था प्रमुख रणधीर झाझडिय़ा, संजय, पवन बिंदल, नरदेव शर्मा व राजेश कुमार गौतम भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
  सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रांगण में आठ दिवसीय श्री सुरभि गौ महायज्ञ व सात दिवसीय श्रीमद गौ भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस अनुष्ठान के लिए प्रात: भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मातृभूमि सेवा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक दीदी ने सवा 13 करोड़ श्री सुरभि मंत्र जाप का संकल्प लिया है। 
इसी के तहत महेंद्रगढ़ में प्रथम खड़ का अनुष्ठान किया गया। अब द्वितीय खंड का गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान सरस्वती कॉलेज में शुरू हो गया है। यहां पर श्री सुरभि गौ महायज्ञ एवं सवा करोड़ श्री सुरभि मंत्र जाप अनुष्ठान किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन 108 कुंडीय दशांश महायज्ञ होगा।
  गौकथा में 25 मार्च को समुद्र मंथन व कामधेनु गौमाता का प्राकट्य प्रसंग रहेगा। 26 मार्च को श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। 27 मार्च को क्षीर सिंधु की उत्पत्ति, कृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन एवं गोमय महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। 28 मार्च को श्रीकृष्ण द्वारकाधीश चरित्र (रुक्मणि मंगल) पर आधारित प्रवचन रहेंगे और 29 मार्च को सुदामा चरित्र, गौसेवा, गौपूजा, गौदान व गौ नवरात्र का महत्व समझाया जाएगा। 30 मार्च को प्रात: 9 बजे पूर्णाहुति गौ महायज्ञ के उपरांत भंडारा शुरू किया जाएगा।