चंडीगढ़, 30 सितंबर:- श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, डिप्टी कमिश्नर-कम-एस्टेट ऑफिसर, यू.टी. चंडीगढ़ ने एस्टेट ऑफिस की समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग के दौरान शाखा-वार लंबित मामलों, ऑटो-म्यूटेशन की प्रगति, डिजिटल सेवाओं, रिकॉर्ड प्रबंधन और जन शिकायतों के निवारण की समीक्षा की गई।
मीटिंग में बताया गया कि सभी शाखाओं में कुल 230 अर्जियां लंबित हैं और ये सभी निर्धारित समय-सीमा के अंदर हैं। एस्टेट ऑफिसर ने सभी शाखाओं और अधिकारियों को बाकी मामलों का निर्धारित समय में निपटारा करने के निर्देश दिए। संबंधित पक्षों और अन्य विभागों से जवाब की प्रतीक्षा कर रहे मामलों में भी तेजी लाने के लिए कहा गया।
ऑटो-म्यूटेशन के संबंध में बताया गया कि 07.07.2025 को यह सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 2,031 दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। 01.05.2026 से 23.09.2026 के दौरान प्राप्त 600 दस्तावेजों में से 552 का निपटारा किया गया है, जिनमें 543 मंजूर और 9 नामंजूर किए गए। इसके अलावा 33 दस्तावेज एतराजों सहित वापस भेजे गए हैं, जबकि 15 पर कार्रवाई जारी है।
डिजिटल पहल के तहत एस्टेट ऑफिस द्वारा नागरिकों को दफ्तर के बेवजह चक्करों से बचाते हुए सुविधाजनक सेवाएं देने और प्रॉपर्टी गवर्नेंस को 'फेसलेस', 'पेपरलेस' और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए शाखाओं को शाखा-वार इन्वेंटरी तैयार करने, रिकॉर्ड पर लेबल लगाने और स्कैन की गई भौतिक फाइलों को चरणबद्ध और व्यवस्थित ढंग से तबदील करने के निर्देश दिए गए। इससे रिकॉर्ड की सुरक्षा, जगह के बेहतर उपयोग और रिकॉर्ड की आसान खोज सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जन शिकायतों के संबंध में 2025-26 और 2026-27 के दौरान सीआईए शाखा में प्राप्त शिकायतों और प्रतिवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को समय पर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने, नियमों के अनुसार मामलों का निपटारा करने और आवेदकों को समय-समय पर जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
श्री निशांत कुमार यादव ने कहा कि सेवाओं की डिलीवरी नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और समयबद्ध बनी रहनी चाहिए।
