चंडीगढ़, 30 सितंबर:- रयात बाहरा यूनिवर्सिटी (आरबीयू) के एनएसएस विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप विभिन्न शैक्षणिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों के साथ सम्पन्न हो गया। कैंप के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन, टीमवर्क और सेवा भावना का प्रदर्शन किया।

एनएसएस के निदेशक प्रोफेसर (मेजर) ए.एस. चहल ने बताया कि आरबीयू के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीमवर्क की भावना विकसित करना था।

कैंप की शुरुआत आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित सत्र से हुई। इस दौरान डॉ. विशेष शर्मा ने आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित जीवन के महत्व पर जानकारी दी। एनएसएस दिवस के अवसर पर प्रो वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार बंसल ने कैंप का औपचारिक उद्घाटन किया और स्वयंसेवकों को गोद लिए गए गांवों में जरूरतमंद एवं पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

भारतीय सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने ‘युद्ध अपने विरुद्ध’ विषय पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए आत्म-अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

कैंप के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 70 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। मैक्स अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुमीत बग्गा ने हृदय स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी, जबकि डॉ. सागरिका ने बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) तथा जीवन बचाने की प्राथमिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।

स्वयंसेवकों ने विकसित भारत क्विज, रस्साकशी और खो-खो प्रतियोगिताओं में भाग लिया। कैंप के दौरान पौधारोपण, नशा मुक्ति जागरूकता रैली, शपथ समारोह तथा शहीद भगत सिंह की स्मृति में रैली सहित कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

कैंप का समापन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के दौरे के साथ हुआ। प्रो. (मेजर) ए.एस. चहल की देखरेख में आयोजित इस कैंप में स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।