होशियारपुर/दलजीत अजनोहा:- आजकल ऑनलाइन खरीदारी का प्रचलन इस कदर बढ़ चुका है कि लोग इसे स्टेटस सिंबल के तौर पर मानने लगे हैं। पिछले पांच वर्षों में ऑनलाइन बिक्री बहुत तेजी से बढ़ी है, जिससे स्थानीय दुकानदारों की दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ऑनलाइन बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने भारतीय ग्राहकों से अपील की कि वे त्योहारों के मौसम में कम से कम ऑनलाइन खरीदारी करें।
उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार, इस समय भारत का ऑनलाइन बाजार 8 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने जा रहा है। इसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि किराना वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री में करीब 55 प्रतिशत वृद्धि हुई है। पिछले पांच वर्षों में कुल ऑनलाइन बिक्री में लगभग 25 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बिक्री का फायदा केवल बड़ी कंपनियों को हो रहा है, जबकि छोटे दुकानदारों और मध्यम दर्जे के कारोबारियों, जो सामाजिक ताने-बाने की रीढ़ हैं, का कारोबार छिन रहा है और वे बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके व्यवसायों में काम करने वाले कर्मचारी भी बेरोजगार हो रहे हैं।
इस समय किराना वस्तुओं के अतिरिक्त कॉस्मेटिक, कपड़े और फर्नीचर आदि भी बड़ी मात्रा में ऑनलाइन खरीदे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार ऑनलाइन बिक्री में बढ़ोतरी होती रही, तो बहुत से कारोबारी बड़ी कंपनियों के मात्र कर्मचारी बनकर रह जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप भारत की मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था पिछड़ जाएगी और तहस-नहस हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी भारतीयों को ऑनलाइन खरीदारी के बजाय स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों से ही वस्तुएं खरीदनी चाहिए। इससे गरीब लोगों का भला होगा और भारत की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
