महिलपुर: लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने आज कहा कि पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य के 65 हजार से अधिक आउटसोर्स, ठेका, डेली वेज और अन्य अस्थायी कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो इन कर्मचारियों के सुनहरे भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पंजाब सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने कहा कि लंबे समय से ठेकेदारी सिस्टम के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को अब सीधे सरकारी प्रबंधन के तहत लाने और उन्हें नियमित नौकरियों की ओर रास्ता प्रदान करने की यह एक बड़ी पहल है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने हमेशा ही कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसके अंतर्गत यह हजारों कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा कर्मचारी-हितैषी नए कानूनों को हरी झंडी मिलने से सरकार और कर्मचारियों के बीच सीधा संपर्क होगा और ठेकेदारों की भूमिका खत्म हो जाएगी, जिससे आउटसोर्स, ठेका, डेली वेज और अन्य अस्थायी कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, मान-सम्मान और भविष्य की निश्चितता मिलेगी।
लोकसभा सदस्य डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि पंजाब के 51 विभागों में काम कर रहे 65,048 कर्मचारी इस नीति के दायरे में आएंगे, जबकि 26 हजार से अधिक कर्मचारी पहले चरण में इसका सीधा लाभ प्राप्त करेंगे। गौरतलब है कि बिजली, स्थानीय सरकार, शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। 
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खतरनाक स्थितियों में काम करने वाले फायर कर्मियों, लाइनमैनों, सीवर कर्मियों और सफाई सेवकों के लिए विशेष प्रबंध करते हुए तीन साल की सेवा उपरांत योग्यता देने का फैसला उनके योगदान का सम्मान है, जो इन वर्गों को बड़ी राहत देगा।
उन्होंने कैबिनेट द्वारा डी.ए., पेंशन और वेतन के बकाए संबंधी मंत्री मंडलीय उप-समिति के पुनर्गठन को भी कर्मचारी-हितैषी कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान के लिए पूरी सुहृदयता से काम कर रही है। 
उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों की तेज सुनवाई के लिए राज्य में 7 विशेष अदालतें स्थापित करने के फैसले की भी सराहना की और कहा कि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और बल मिलेगा और दोषियों को जल्दी सजा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार लोगों से किए हर वादे को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है और ये फैसले पंजाब में सुशासन, पारदर्शिता और कर्मचारी कल्याण के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। 
इसी तरह, 'पंजाब राज्य आउटसोर्सड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026' के तहत आउटसोर्सड ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारी, जिन्होंने पांच साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सीधे सरकारी ठेके पर रोजगार के अधीन लाया जाएगा। जोखिम वाली श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारी तीन साल की सेवा पूरी करने के बाद योग्य हो जाएंगे।