गढ़शंकर (हरि कृष्ण गंगड़):- पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के अंतर्गत होशियारपुर जोन-5 के 30 कॉलेजों के विद्यार्थियों की विभिन्न रचनात्मक, कलात्मक और विरासती गतिविधियों से संबंधित जोनल युवा एवं विरासती मेला सिख एजुकेशनल काउंसिल के प्रबंधन के तहत चल रहे श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज माहिलपुर में 3 नवंबर से उत्साहपूर्वक शुरू हो रहा है। मेले के सुचारू और सफल आयोजन के लिए कॉलेज में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। जोनल युवा मेला 3 से 6 नवंबर तक चलेगा। इसके बाद जोनल युवा मेले के विजेता विद्यार्थियों की अगली प्रतियोगिता इसी संस्थान में इंटर-जोनल युवा एवं विरासती मेले के रूप में 10 से 13 नवंबर तक आयोजित की जाएगी।

इस संबंध में कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि खालसा कॉलेज माहिलपुर में पहली बार जोनल और इंटर-जोनल युवा मेलों का आयोजन इतिहास रचेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ द्वारा इन युवा मेलों के आयोजन के लिए खालसा कॉलेज माहिलपुर का चयन करना संस्थान की कुशल प्रशासनिक एवं आयोजन क्षमता पर विश्वास को दर्शाता है। जोनल युवा मेले में पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि ये युवा मेले कॉलेज के संस्थापक संत बाबा हरि सिंह कहारपुरी और कॉलेज के संस्थापक प्रिंसिपल हरभजन सिंह की सुनहरी याद को समर्पित होंगे। मेले में विद्यार्थियों के लोक नृत्य, संगीत, थिएटर, विचार-विमर्श, भाषण, रचनात्मक गतिविधियों सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं विरासती कलाओं की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

उन्होंने बताया कि इन युवा मेलों का विषय ‘प्रतियोगिता से परे: सृजनात्मकता और आपसी सहयोग का उत्सव’ है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जीत-हार से आगे बढ़कर अपनी रचनात्मकता के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों के साथ जुड़ाव, सद्भाव और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए मंच उपलब्ध करवाना है।

इस अवसर पर सिख एजुकेशनल काउंसिल के अध्यक्ष संत साधु सिंह कहारपुर, संरक्षक डॉ. जंग बहादुर सिंह राय, प्रबंधक इंदरजीत सिंह भारटा, महासचिव प्रो. अपिंदर सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के युवा कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुखजिंदर ऋषि, उप-प्रिंसिपल आराधना दुग्गल और युवा मेले के आयोजन सचिव डॉ. विक्रांत सिंह राणा ने इन युवा मेलों को विद्यार्थियों के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया और विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।