रतिया, तलवण्डी साबो 6 दिसंबर:- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाबी साहित्य के प्रचार प्रसार को समर्पण संस्था विश्व पंजाबी सभा कनाडा द्वारा गुरु काशी विश्वविद्यालय में कवि दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सभा के चेयरमैन डॉक्टर दलबीर सिंह कथूरिया शामिल हुए। जबकि अध्यक्षता गुरमति विभाग की अध्यक्षा डॉक्टर गुरप्रीत कौर ने की। इस अवसर पर पंजाबी के सुप्रसिद्ध शायरों ने अपने कलाम पेश करते हुए अच्छा समय बांदा।
इस अवसर पर पंजाबी के प्रसिद्ध शायर दर्शन सिंह भम्मे का काव्य संग्रह 'सुखाँ लद्दे सुनेहे' का लोकार्पण किया। प्रसिद्ध पंजाबी शायर रेवती शर्मा, डीन गुरु काशी यूनिवर्सिटी डॉ गुरप्रीत कौर, सभा के भारत इकाई अध्यक्ष प्रोफेसर बलवीर कौर रायकोटी, साहित्य अकादमी पुरस्कृत केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के अध्यक्ष दर्शन बूटर, हरियाणा के अध्यक्ष डॉ नैब सिंह मंडेर, शायर रेबती शर्मा, शायर गुरप्रीत घंनिया, प्रोफेसर पवन खीची सहित साहित्यकारों ने प्रसिद्ध शायर दर्शन सिंह भम्मे की पुस्तक पर विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर शायर रेवती शर्मा ने पुस्तक पर विचार प्रगट करते हुए कहा कि यह पुस्तक उनके शागिर्द दर्शन सिंह भम्मे की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित छंद बद कविता संग्रह है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कविताएं रस भरपूर हो सकती है। विश्व पंजाबी सभा के अध्यक्ष डॉक्टर दलवीर सिंह कथूरिया ने अपने संबोधन में कहा के गुरु काशी विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर पंजाबी साहित्य को प्रमोट करने के लिए जो आयोजन किए जाते हैं वह प्रशंसा योग्य है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा लोक सेवा को अर्पित कर देना चाहिए। जो कि हमारे गुरुओं का बड़ा संदेश है। इस अवसर पर शायर दर्शन सिंह भम्मे ने कहा कि उन्होंने कई वर्ष स्वास्थ्य विभाग पंजाब में अपनी सेवाएं दी है और उनको पता है कि नशे की दलदल से नौजवान पीढ़ी को बचाना बहुत जरूरी है। लोगों को जागरुक करते रहना अति आवश्यक है। ताकि हमारा समाज स्वस्थ बना रहे।
इस अवसर पर पंजाबी साहित्य अकादमी पुरस्कृत शायर दर्शन सिंह बुट्टर व डॉक्टर नैब सिंह मंडेर ने अपने संबोधन में लोग चेतना को समर्पित पुस्तक के लोकअर्पण पर बधाई दी। इस अवसर पर सभा के पदाधिकारी साहिबा जिटन कौर, डॉ कुलदीप कौर, गुरप्रीत कौर बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित थे।
विश्व पंजाबी सभा कनाडा द्वारा आयोजित कवि दरवार में शायर भम्मे की काव्य पुस्तक लोकार्पण।
