होशियारपुर:- स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुचारू एवं समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल द्वारा आज जिला अस्पताल होशियारपुर सहित पी.एच.सी. चक्कोवाल और सी.एच.सी. शाम चौरासी का औचक दौरा कर सपोर्टिव सुपरविजन की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन के पी.ए. सतपाल भी उपस्थित थे।
दौरे की शुरुआत जिला अस्पताल होशियारपुर में स्वाइन फ्लू वार्ड के औचक निरीक्षण से की गई। सिविल सर्जन द्वारा डॉ. नेहा पाल एवं जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सैलेश के सहयोग से वार्ड में मरीजों के लिए किए गए प्रबंधों, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामान की उपलब्धता, स्टाफ की तैनाती तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वाइन फ्लू एवं अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक दवाइयों और जरूरी सामान की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके उपरांत पी.एच.सी. चक्कोवाल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनप्रीत के सहयोग से स्वास्थ्य संस्थान का दौरा किया गया। इस दौरान ओ.पी.डी. सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता प्रबंधों, स्टाफ की उपस्थिति तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। सिविल सर्जन ने मरीजों से सीधे बातचीत कर संस्थान में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया तथा उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
इसी प्रकार सी.एच.सी. शाम चौरासी में एस.एम.ओ. डॉ. जतिंदर सिंह गिल के सहयोग से औचक दौरा कर संस्थान के समग्र कामकाज की समीक्षा की गई। सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं प्रबंधों का जायजा लेने के साथ-साथ मरीजों से भी बातचीत की गई। उनसे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाइयों की उपलब्धता तथा संस्थान में पेश आ रही किसी भी प्रकार की समस्या के संबंध में फीडबैक लिया गया।
सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने कहा कि औचक दौरों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों के कामकाज की जमीनी स्तर पर समीक्षा करना, स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार लाना तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि मरीज स्वास्थ्य व्यवस्था का केंद्र हैं और उनसे सीधे फीडबैक लेने से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जन-केंद्रित बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों के स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। संस्थानों में स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने, आवश्यक दवाइयों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक मरीज को बिना किसी देरी के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
मरीजों की सुविधा सबसे पहले सिविल सर्जन डॉ मनदीप कमल द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण
