हरोली/ऊना, 19 मार्च (राजवीर चोपड़ा):- ऊना जिला के गगरेट विधानसभा क्षेत्र के गांव घनारी से एक मार्मिक मामला सामने आया है। वार्ड नंबर-6 की निवासी 40 वर्षीय इंदु बाला पिछले 11 वर्षों से लकवा (अधरंग) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन उन्हें आज तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस सहायता नहीं मिल पाई है।
इंदु बाला, स्वर्गीय राम किशन चौधरी की पुत्री हैं और वर्ष 2015 से बिस्तर पर हैं। वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कई बार सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाने के बावजूद आज तक न तो कोई अधिकारी उनकी स्थिति जानने उनके घर पहुंचा और न ही किसी प्रकार का संपर्क किया गया।
हालांकि, एक समाचार प्रकाशित होने के बाद कुछ समाजसेवियों ने उनकी आर्थिक मदद जरूर की, लेकिन सरकारी स्तर पर अब तक उन्हें सहारा पेंशन, मुफ्त इलाज या अन्य बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाई हैं। इस कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बीमारी के चलते इंदु बाला को भूख में कमी, वजन में उतार-चढ़ाव और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी झेलनी पड़ रही हैं। वर्तमान में उनका इलाज नालागढ़ में चल रहा है, जहां हर 10 दिन में दवाइयां लेने जाना पड़ता है। एक बार के इलाज पर करीब 2,000 रुपये खर्च होते हैं, जो उनके लिए वहन करना बेहद कठिन हो गया है।
इंदु बाला ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि उनकी स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द आर्थिक सहायता, पेंशन और मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए, ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।