करनाल, 4 नवंबर: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने आज करनाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हाल ही में सामने आए करोड़ों रुपये के धान घोटाले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह घोटाला पूरी तरह से राजनीतिक संरक्षण में हुआ है और इसमें बड़े राजनीतिक चेहरों की संलिप्तता साफ दिखाई देती है।
रतनमान ने इस घोटाले में शामिल मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार असली अपराधियों पर कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो भाकियू इस मामले में व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। इस विषय को लेकर भाकियू की बैठक सर छोटूराम किसान भवन में आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि यह घोटाला किसी एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र है। इसमें भाजपा के कुछ नेताओं की संलिप्तता स्पष्ट है। यह घोटाला राजनीतिक संरक्षण में हुआ है और सरकार की नाकामी के कारण असली गुनहगार अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। रतनमान ने मांग की कि इस मामले की जांच में आढ़तियों, फर्जी किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाए, ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके और जांच पारदर्शी ढंग से हो।
कर्मचारियों पर कार्रवाई सिर्फ दिखावा:
प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने हाल ही में कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल छोटे कर्मचारियों को निशाना बना रही है, जबकि असली दोषी बड़े राजनीतिक चेहरे हैं। यह केवल मामले को दबाने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। सरकार को चाहिए कि असली गुनहगारों पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में भाजपा नेताओं की मिलीभगत स्पष्ट दिखाई देती है, लेकिन सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। जब तक भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जांच निचले स्तर पर ही अटकी रहेगी।
एफआईआर को बताया दिखावा:
करनाल जिले में मंडी सचिव और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रतनमान ने कहा, “यह कदम सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने के लिए उठाया गया है। असली दोषियों को सरकार बचा रही है। जब तक असली गुनहगारों को सजा नहीं मिलती, तब तक यह मामला सुलझ नहीं सकता।”
भाकियू का कड़ा रुख:
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसान इस घोटाले से परेशान हैं और संगठन किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भाकियू जन आंदोलन का रुख अपनाएगी और सरकार को मजबूर होना पड़ेगा कि वह असली दोषियों को गिरफ्तार करे।”
भाकियू की मांग:
रतनमान ने सरकार से मांग की कि इस घोटाले की उच्च-स्तरीय जांच करवाई जाए और इसमें शामिल सभी राजनीतिक लोगों को बिना दबाव के गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक वास्तविक अपराधियों को पकड़ा नहीं जाता, भाकियू शांत नहीं बैठेगी और संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ किसान नेता प्रेमचंद शाहपुर, श्याम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, सचिव राजकुमार नौतना सहित अनेक किसान मौजूद थे।
