पटियाला (मनप्रीत सिंह):- पी.आर.टी.सी. पेंशनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन मुकंद सिंह और प्रदेश अध्यक्ष भगवंत सिंह कंगणवाल के नेतृत्व में आज यहां पुराने बस स्टैंड पर पी.आर.टी.सी. पेंशनरों की मासिक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न डिपुओं से संबंधित बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया। विभिन्न वक्ताओं ने मांग की कि हर महीने की 10 तारीख से पहले पेंशन जारी की जाए और सभी लंबित बकायों, जैसे कि वर्ष 2016 के वेतन आयोग के बकाये, मेडिकल बिलों के बकाये तथा नए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का तुरंत भुगतान किया जाए। बैठक की शुरुआत उन पेंशनरों और उनके परिजनों को श्रद्धांजलि देने के बाद हुई, जिनका निधन हो चुका है।
विशाल सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष भगवंत सिंह कंगणवाल ने अपनी मांगों को लेकर पिछले दिनों पी.आर.टी.सी. की प्रबंध निदेशक के साथ हुई बैठक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रबंध निदेशक ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए तुरंत महंगाई भत्ते (डीए) संबंधी आदेश जारी कर दिए और 8 प्रतिशत डीए जोड़कर पेंशन दोबारा निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रबंध निदेशक ने विश्वास दिलाया है कि थोड़े समय के भीतर उनके बकायों का भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने एसोसिएशन के साथ हर महीने बैठक करने का भरोसा भी दिया, ताकि सामने आने वाली समस्याओं का उचित समाधान निकाला जा सके। कंगणवाल ने सभी पेंशनरों से एकता बनाए रखने पर जोर दिया।
महासचिव हरि सिंह ‘चमक’ ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय बॉडी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिए, जिससे केंद्रीय बॉडी कमजोर हो। केंद्रीय बॉडी मजबूत होगी तो सभी मांगें आसानी से मनवाई जा सकेंगी। उन्होंने बकायों के भुगतान के साथ-साथ संस्थान में ठेके और आउटसोर्सिंग के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग की।
सभा को प्रभावशाली ढंग से संबोधित करते हुए चेयरमैन मुकंद सिंह ने अपने धन्यवाद भाषण में धार्मिक उदाहरण देते हुए एकता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व विरोधी ताकतों के इशारे पर एसोसिएशन में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि अक्टूबर महीने की पेंशन दिवाली से पहले जारी की जाए, ताकि पेंशनर यह त्योहार खुशी से मना सकें। पंजाब सरकार और प्रबंधन को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि उनके लंबित बकायों का तुरंत भुगतान किया जाए, ताकि बुढ़ापे में उन्हें कोई कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
इस अवसर पर मानसा में परमिंदर सिंह झोटे की हत्या की निंदा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पंजाब में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने की मांग भी उठाई गई।
उपरोक्त के अलावा बैठक को फरीदकोट के जलौर सिंह, बुढलाडा के रघबीर सिंह, बठिंडा के गोपाल कृष्ण मौड़, बरनाला के कुलविंदर सिंह, संगरूर के उपकार सिंह, चंडीगढ़ के हरभजन सिंह, पटियाला के जोगिंदर सिंह और केंद्रीय बॉडी के उपाध्यक्ष लुधियाना के बचित्तर सिंह ने भी संबोधित किया। विभिन्न वक्ताओं ने केंद्रीय बॉडी के कामकाज की प्रशंसा करते हुए उसे पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
बैठक को सफल बनाने के लिए कार्यालय सचिव बख्शीश सिंह, पटियाला डिपो के महासचिव सूरज भान, संतोष कृष्ण चपड़, केंद्रीय बॉडी के कैशियर अमोलक सिंह, पटियाला डिपो के कैशियर बलवंत सिंह, ललकार सिंह टिवाणा, दविंदर सिंह टिवाणा, बलराज सिंह टिवाणा, बलबीर सिंह बुट्टर, गुरदीप सिंह, घोला सिंह डंडोआ, मलकीत सिंह, रमेश्वर दयाल, मनजीत सिंह, बलबीर सिंह गलौंडर और निरपाल सिंह ने भी भरपूर योगदान दिया। मंच संचालन महासचिव हरि सिंह ‘चमक’ ने बखूबी किया।
