करनाल 12 दिसंबर:  सम्पत्ति कर डिफाल्टरों के विरूद्घ नगर निगम करनाल की एन्फोर्समेंट टीम ने एक और औचक कार्रवाई को अंजाम दिया। शुक्रवार को शहर की 6 वाणिज्यिक सम्पत्तियों पर अटैचमेंट की कार्रवाई के लिए प्रवर्तन दल पहुंचा। 
अटैचमेंट की कार्रवाई से बचने के लिए सम्बंधित सम्पत्ति मालिकों द्वारा मौके पर ही व निगम कार्यालय में आकर 14 लाख 80 हजार 480 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स अदा कर दिया गया। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने दी। कार्रवाई की जानकारी देते उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 6 सम्पत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की जानी थी। 
जैसे ही नगर निगम का प्रवर्तन दल डिफाल्टर सम्पत्तियों को सील करने पहुंचा दुकानदारों में हडकंप मच गया। टीम का सख्त रूख देख उनकी एक न चली और उन्होंने बकाया सम्पत्ति कर जमा करवाने में ही अपनी भलाई समझी। इस दौरान 3 डिफाल्टरों ने मौके पर तथा 3 ने नगर निगम कार्यालय में आकर सम्पत्ति कर चुका दिया, जिससे वह अटैचमेंट की कार्रवाई से बच गए।
इन सम्पत्ति मालिकों ने मौके पर जमा करवाया प्रॉपर्टी टैक्स- अटैचमेंट कार्रवाई के दौरान 3 सम्पत्ति मालिकों ने मौके पर सम्पत्ति कर जमा करवा दिया। इनमें कलंदरी गेट स्थित मैसर्स अनमोल एजेंसिस, सम्पत्ति कर 491090 रुपये, 339, सेक्टर-3, एग्रीप्लास्ट टेक इंडिया प्राईवेट लिमिटेड, सम्पत्ति कर 274744 रुपये तथा 191, कैरियर कम्प्यूटर्स, सेक्टर-3, सम्पत्ति कर 342474 रुपये प्रवर्तन दल को अदा कर दिए।
 इन सम्पत्ति मालिकों ने निगम कार्यालय में भरा प्रॉपर्टी टैक्स- प्रॉपर्टी अटैचमेंट की कार्रवाई से बचने के लिए तीन सम्पत्ति मालिकों ने नगर निगम कार्यालय में आकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा दिया। इनमें सेक्टर-7 स्थित कार वाशिंग सेंटर, सम्पत्ति कर 283000 रुपये, 198 सी, मॉडल टाऊन, सम्पत्ति कर 48926 रुपये तथा न्यूलाईफ स्टोर, मॉडल टाऊन, सम्पत्ति कर 40246 रुपये जमा करवा दिए।  
नोटिस के बावजूद भी नहीं किया गौर- उन्होंने बताया कि सम्पत्ति कर एकत्र करने को लेकर उपरोक्त सभी सम्पत्ति मालिकों को 3-3 नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद इन्हें व्यक्तिगत तौर पर जाकर अटैचमेंट का नोटिस भी जारी किया गया था, परंतु सम्पत्ति मालिकों के द्वारा इसे गम्भीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते उक्त सम्पत्तियों को अटैचमेंट करने के लिए कार्रवाई की गई।  
                     कार्रवाई को अंजाम देने के लिए उप निगम आयुक्त अभय सिंह को ड्यूटि मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था, जबकि क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अंकुश पराशर, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह, निगम स्टाफ तथा पुलिस फोर्स मौजूद रही।