करनाल, 30 दिसंबर:- ब्रेकथ्रू संस्था की ओर से यहां कर्ण लेक पर पंच-सरपंचों के लिए  सुरक्षित स्कूल-सुरक्षित गांव विषय पर एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
 इस मौके पर बच्चों की सुरक्षा पर संरक्षण अधिकारी सुमन नैन ने बताया कि  जिला स्तर पर एडोलसेंट (किशोर-किशोरियों) और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सेंटर खोले गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को हिंसा, शोषण और अन्य सामाजिक बुराइयों से बचाना है। यदि  आसपास किसी महिला के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार की जानकारी मिले तो 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि समाज में आज भी बाल विवाह) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह में केवल माता-पिता ही नही, बल्कि इसमें शामिल सभी लोग—जैसे मिठाई देने वाले, टेंट लगाने वाले, कपड़े उपलब्ध कराने वाले या किसी भी तरह से सहयोग करने वाले व्यक्ति पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
 उन्होंने पंच-सरपंचों को ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समिति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य गांव में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, बाल विवाह को रोकना और किसी भी प्रकार की हिंसा या शोषण के मामलों पर नजर रखना है। श्रीमती नैन ने कहा कि गांव को सुरक्षित बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। आजकल लड़कियों के साथ यौन शोषण जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे अभियानों के माध्यम से लोगों को कानून की जानकारी दी जा सकती है।
डीसीपीयू से पूनम श्योराण ने पॉक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कहा कि कानून का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से बचाना है। इसमें बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।  मैनेजर कमला ब्रेकथ्रू संस्था की गतिविधियों पर प्रकार डाला। महिला कॉलेज की प्रो. महिलाओं की स्किल एजुकेशन पर विचार रखे। कार्यक्रम में सरपंच सुनील कुमार, विजेंद्र ग्राम सचिव, मुकेश, राजीव, शिवानी, कुलदीप आदि शामिल रहे।