हांसी:- उपायुक्त राहुल नरवाल ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि इंतकाल, लैंड पार्टीशन तथा पेपरलेस रजिस्ट्री से संबंधित सभी मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व सेवाओं में अनावश्यक देरी आम नागरिकों की परेशानी का कारण बनती है, इसलिए लंबित मामलों के समाधान में किसी भी प्रकार की ढिलाई अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त राहुल नरवाल  बुधवार को स्थानीय जिला सचिवालय परिसर के सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमि इंतकाल, लैंड पार्टीशन, निशानदेही तथा पेपरलेस रजिस्ट्री आदि से संबंधित मामलों समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  बैठक में एसडीएम राजेश खोथ, तहसीलदार अनिल कुमार बिढ़ान, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिले में भूमि इंतकाल के कई मामले लंबित हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त तक 50 प्रतिशत लंबित इंतकाल मामलों का निपटान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उपायुक्त ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में और अधिक तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री से संबंधित कोई भी मामला पांच दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण कर नागरिकों को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने लैंड पार्टीशन (भूमि विभाजन) से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निपटान करने के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक के दौरान उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि जिले में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नए पटवार सर्कल निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद राजस्व कार्यों में और अधिक तेजी तथा सुविधा आएगी।
बैठक में कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को किसान आईडी बनाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के शत-प्रतिशत किसानों की भूमि आईडी तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि इस अभियान को सफल बनाने के लिए किसी प्रकार के अतिरिक्त संसाधन, मानवबल अथवा अन्य सहयोग की आवश्यकता होगी तो जिला प्रशासन द्वारा उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने में फार्मर आईडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए।
बैठक में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें तथा आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।