हांसी:– क्षेत्रीय अभिलेखागार,हिसार मंडल द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिंघवा राघो में 18 व 19 अगस्त को दो दिवसीय ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं दुर्लभ छायाचित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्वतंत्रता संग्राम, हरियाणा के वीर स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू करवाना रहा।
प्रदर्शनी का शुभारंभ जिला परिषद चेयरमैन सोनू डाटा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। हांसी के 23वें नए जिले बनने के बाद सिंघवा राघो में आयोजित यह पहली प्रदर्शनी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
सहायक निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि अभिलेखागार में संरक्षित दस्तावेज हमारे अतीत की जीवंत धरोहर हैं। स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए विभाग द्वारा ‘अभिलेख दान अभियान’ भी चलाया जा रहा है।
प्रदर्शनी में 1857 से 1947 तक के स्वतंत्रता आंदोलन, लाला हुकम चंद जैन, मुनीर बेग, नवाब अब्दुर्रहमान खान, राजा नाहर सिंह, राव तुलाराम सहित अनेक वीरों के संघर्ष एवं बलिदान को दुर्लभ दस्तावेजों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। 1857 के हिसार संघर्ष, नीलाम किए गए गांवों के दस्तावेज, राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हिसार यात्रा तथा 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों का दुर्लभ चित्र भी प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण रहा।
डॉ. उमाशंकर सिंह ने विद्यार्थियों को इतिहास के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इतिहास हमें वर्तमान को समझने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा देता है। विद्यालय की प्रधानाचार्य राजबाला ने अतिथियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का स्वागत किया।
प्रदर्शनी का 200 से अधिक विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने दुर्लभ दस्तावेजों एवं छायाचित्रों में विशेष रुचि दिखाई और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
स्वतंत्रता संग्राम की वीर गाथाओं से रूबरू हुई नई पीढ़ी सिंघवा राघो में लगी ऐतिहासिक प्रदर्शनी
