हांसी:– जिला प्रशासन विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। आगामी एक अगस्त से जिला के सरकारी विद्यालयों में पांचवी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े विभिन्न टूल्स एवं तकनीकों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता विकसित करना तथा उन्हें बदलते डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन शिक्षा विभाग के सहयोग से एआई आधारित शिक्षा को विद्यालय स्तर पर लागू करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन सरकारी विद्यालयों में वर्तमान में कंप्यूटर लैब उपलब्ध हैं, वहां के अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षित शिक्षक पिछले एक माह से इन दिनों विभिन्न एआई टूल्स का व्यावहारिक अभ्यास कर रहे हैं, ताकि वे विद्यार्थियों को सरल एवं प्रभावी तरीके से इन आधुनिक तकनीकों की जानकारी दे सकें।
उन्होंने बताया कि एक अगस्त से प्रशिक्षित अध्यापक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, उनके उपयोग, शिक्षा में उनकी भूमिका तथा दैनिक जीवन में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी देना प्रारंभ करेंगे। इससे विद्यार्थियों में नई तकनीकों के प्रति रुचि बढ़ेगी और उनका तकनीकी ज्ञान भी मजबूत होगा।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है। ऐसे में विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों को इस तकनीक से परिचित कराना उन्हें भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल हांसी जिले के विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाएगी तथा उन्हें नवाचार, अनुसंधान और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
हांसी जिला के सरकारी स्कूलों में एआई शिक्षा की नई शुरुआत एक अगस्त से विद्यार्थियों को मिलेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का प्रशिक्षण
