हिसार/मंडी आदमपुर: विधायक चंद्रप्रकाश ने विधानसभा सत्र में किसानों की आवाज बुलंद करते हुए सिंचाई के पानी व पेयजल के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालक माइनर, राणा डिस्ट्रीब्यूटरी, बुड़ाक सब माइनर, बांडाहेड़ी सब माइनर, कबीर माइनर, बासड़ा माइनर-2 व बालसमंद माइनर के अंतिम छोर तक नहरी पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। चंद्रप्रकाश ने कहा कि आदमपुर विधानसभा के गांव दुर्जनपुर, ठसका, चिकनवास, बुड़ाक, बांडाहेड़ी,  मात्रश्याम, मिंगनी खेड़ा, सलेमगढ़, न्योलीकलां, बगला, काबरेल व बालसमंद टेल पर स्थित हैं। यहां पर एक सप्ताह का रोटेशन है और टेल पर बिल्कुल भी पानी नहीं पहुंचता। इतना ही नहीं पब्लिक हेल्थ के वाटर वर्क्स में भी पानी का अभाव रहता है। ऐसी स्थिति में सिंचाई के पानी की बात छोड़िए ग्रामीणों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। चंद्रप्रकाश ने मांग की कि इस मामले की गंभीरता समझते हुए इस बात की जांच करनी चाहिए कि इन गांवों को पानी क्यों नहीं मिल रहा है।
  विधायक चंद्रप्रकाश द्वारा उठाए गए मुद्दे पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि इन गांवों की सूची के अनुसार कम जलापूर्ति की जांच करवाई जाएगी। सिंचाई मंत्री ने कहा कि बासड़ा सब माइनर-2 के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्य पूर्ण होते ही चैनल के अंतिम छोर तक उचित जलापूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी।  
  विधानसभा सत्र के उपरांत विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि सरकार को किसानों व ग्रामीणों की सुध लेनी चाहिए। यदि गांवों का मुआयना किए जाए तो स्पष्ट हो जाता है कि किसानों को न तो पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिलता है और न ही बिजली की नियमित उपलब्धता है। ऐसी स्थिति में किसान खेती कैसे कर सकता है। इतना ही नहीं असली बीज व खाद के लिए भी किसानों को भटकना पड़ता है।
 कुछ महीने पूर्व भारी बरसात के चलते खेतों में जलभराव से आदमपुर विधानसभा के हजारों एकड़ खेतों में फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने पोर्टल पर इसे अपलोड किया है और तहसीलदार ने भी पुष्टि की है। इसलिए सरकार को तुरंत प्रभाव से मुआवजा जारी करके किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ ही टेल तक पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्था भी करनी चाहिए।