पटियाला (मनप्रीत सिंह):- मिड-डे-मील वर्करों, सरकारी स्कूलों के सफाई सेवकों और चौकीदारों की जायज मांगों के समाधान के लिए संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी शिक्षा) और जिला शिक्षा अधिकारी (प्राइमरी शिक्षा), पटियाला को याद-पत्र सौंपकर तुरंत बैठक का समय निर्धारित करने की मांग की है।

संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि 20 मार्च को रैली करने के बाद वर्करों की मांगों से संबंधित मांग-पत्र अधिकारियों को सौंपा गया था। इसके बाद भी कई बार याद-पत्र देकर बैठक की मांग की गई, लेकिन अब तक न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला है और न ही बैठक का समय दिया गया है। इससे वर्करों में निराशा है।

संगठन ने मांग की कि मिड-डे-मील वर्करों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाया जाए, उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और उनका बनता भत्ता दिया जाए। खाना तैयार करते समय किसी दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा, चिकित्सा सहायता और बीमा सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

सरकारी स्कूलों के सफाई सेवकों को मिल रहे 3,000 रुपये और चौकीदारों को मिल रहे 5,000 रुपये मासिक मानदेय में उचित बढ़ोतरी करने की मांग भी की गई। इसके साथ ही न्यूनतम मजदूरी और श्रम कानूनों के अनुसार सुविधाएं देने, सफाई सेवकों को वर्दियां, जरूरी उपकरण और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करवाने तथा उनके कार्यक्षेत्र को निर्धारित करने की मांग रखी गई।

चौकीदारों के ड्यूटी घंटे तय करने, रात की ड्यूटी करने वालों को सर्दियों में गर्म ओवरकोट देने और सभी वर्करों को साप्ताहिक अवकाश के साथ सर्दियों तथा गर्मियों की छुट्टियां देने की मांग भी की गई।

संगठन के नेताओं ने कहा कि ये वर्कर सरकारी स्कूलों के रोजमर्रा के कामकाज में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन उन्हें उचित मेहनताना और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपील की कि जल्द बैठक की तारीख और समय तय करके लिखित सूचना दी जाए, ताकि मांगों पर विचार-विमर्श कर उनका उचित समाधान किया जा सके।