करनाल:- महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बृहस्पतिवार को लोकभवन चंडीगढ़ में माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की, इस दौरान एमएचयू कुलपति ने माननीय राज्यपाल को एमएचयू के फ्लोरिकल्चर विभाग के विद्यार्थियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा सूख फूलों की सहायता से विशेष रूप से तैयार पुष्पगुच्छ भेंट की। इसी के साथ ही फलों की टोकरी, जिसमें क्रीमी हनी, फालसा जूस, मैंगों कैंडी, आम पन्ना जैम, कमलम, आम एवं अमरूद के बनाए उत्पादों को भेंट किया, जिसे एमएचयू द्वारा नवाचार से स्वयं तैयार किया गया।
 इन उत्पादों के माध्यम से विश्वविद्यालय द्वारा बागवानी क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान, मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की झलक प्रस्तुत की गई। कुलपति प्रो. सुरेश ने माननीय राज्यपाल को एमएचयू की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एमएचयू लगातार निर्धारित लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है, इसके लिए एमएचयू के वैज्ञानिक, अधिकारीगण आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे है। नतीजन विश्वविद्यालय का नाम प्रदेश ही देशभर में उपलब्धियों के रूप में चमक रहा है। 
बातचीत के दौरान माननीय राज्यपाल ने कुलपति से पूछा कि यूनिवर्सिटी के लिए बन रहे मैन कैंपस का निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा, निर्माण कार्य कितना पूरा हो चुका है। इस पर कुलपति ने बताया कि निर्माणाधीन कार्य अंतिम स्तर पर पहुंच चुका है, उम्मीद है कि इसी साल के अंत तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। बातचीत के दौरान ही कुलपति ने महामहिम को विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह के आयोजन के बारे में बताया, महामहिम ने विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में अपनी सहभागिता एवं इसे आयोजित करने के प्रति अपनी सहमति व्यक्त करते हुए अक्टूबर, 2026 के प्रथम सप्ताह में दीक्षांत समारोह आयोजित किए जाने के संकेत दिए। 
यह भेंट विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा बागवानी शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। महामहिम ने कुलपति प्रो.सुरेश के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की काफी सराहना करते हुए कहा कि जिस उदेश्य के लिए एमएचयू को स्थापित किया है, उसे पूरा करने में कुलपति प्रो. सुरेश लगे हुए है, जिसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई दे रहे है। जापान, आस्ट्रेलिया, अमेरिका के बागवानी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते ज्ञापन हो चुके है। 
उन्होंने कहा कि सरकार किसान भाईयों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है, कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। जिनका फायदा किसानों तक सीधे तौर पर पहुंच रहा है।