हांसी:– जिला में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से स्थानीय लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में उपायुक्त राहुल नरवाल की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एडीसी एवं डीएमसी लक्षित सरीन, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रतीक्षा सांगवान,ईओ राजेंद्र सोनी, सहायक सचिव विजेन्द्र सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी तथा शहर के अनेक होटल एवं ढाबा संचालक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिले में ठोस कचरे के सही प्रबंधन, उसके उचित निष्पादन तथा स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। 
उपायुक्त राहुल नरवाल ने होटल व ढाबा संचालकों से सुझाव भी लिए और उन्हें स्वच्छता नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों से अपील करते हुए कहा कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जाए ताकि उसका वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कचरे को जलाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए किसी भी प्रकार के कचरे को खुले में जलाने से बचें तथा सड़कों, गलियों एवं सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंका जाए।
डीसी राहुल नरवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस कचरे के निष्पादन की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे उससे खाद तैयार कर भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग करने की दिशा में कार्य किया जाए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिल सके।
बैठक में विवाह समारोहों, सामाजिक आयोजनों तथा अन्य बड़े कार्यक्रमों से निकलने वाले कूड़ा-कचरे के उचित प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे आयोजनों से उत्पन्न कचरे का समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर और गांवों में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस दौरान डीएमसी लक्षित सरीन ने अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के समाधान को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल वेस्ट के संग्रहण और निष्पादन को डोर-टू-डोर प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से मेडिकल वेस्ट का सुरक्षित एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे संक्रमण और प्रदूषण के खतरे को कम किया जा सकेगा।
बैठक में अधिकारियों ने ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा सभी संबंधित पक्षों से समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया गया।