चंडीगढ़, 17 जुलाई: फ्लैट न देने के कारण धोखाधड़ी के मामले में फंसे इमर्जिंग इंडिया के एमडी गुरप्रीत सिंह सिद्धू ने समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट ने जहां नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है, वहीं गुरप्रीत सिंह के खिलाफ अन्य मामलों की जानकारी भी मांग ली है। इस मामले से यह सामने आया है कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले से पीछा छुड़ाने के लिए आखिरकार बिल्डरों को समझौते का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है।
मामले के अनुसार, एक दशक पहले खरड़-बनूड़ रोड पर संते माजरा स्थित इमर्जिंग इंडिया में फ्लैट न दे पाने के कारण एमडी गुरप्रीत सिंह सिद्धू ने गुरदासपुर के गांव खैरा कोटली की रूपजीत कौर को एक दुकान की रजिस्ट्री करवाकर समझौता किया था। फ्लैट न दे पाने के कारण पहले एक प्लॉट की रजिस्ट्री करवा दी गई थी, लेकिन कब्जा न मिलने पर रूपजीत कौर ने पुलिस को शिकायत की थी और मामला दर्ज होने के बाद अब दुकान देकर समझौता किया गया है।
समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। रूपजीत कौर की ओर से पेश हुए एडवोकेट गगन प्रदीप सिंह बल्ल की पैरवी पर जस्टिस मनीषा बतरा की बेंच ने पुलिस को नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि गुरप्रीत सिंह सिद्धू के बयान जेल से दर्ज करवाए जाएं। गुरप्रीत सिंह इसी मामले में फिलहाल नजरबंद है।
समझौते के दम पर एफआईआर रद्द करवाने पहुंचा इमर्जिंग इंडिया का एमडी हाईकोर्ट ने अन्य मामलों की जानकारी मांगी निवेशकों में जगी राहत की उम्मीद
