मौड़ मंडी, 03 अक्तूबर (चमकौर सिंह कैरवे):- पंजाब की राजनीति से आज एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आम आदमी पार्टी (आप) ने पार्टी का अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। आम आदमी पार्टी हाईकमान ने मौड़ विधानसभा क्षेत्र से अपनी ही पार्टी के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी द्वारा आज लिए गए इस अचानक और बड़े फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है।

मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और अनुशासन समिति द्वारा सुखवीर सिंह मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नेता या विधायक द्वारा पार्टी के नियमों का उल्लंघन या पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो। इसी आधार पर मैसरखाना के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

वहीं आज वायरल हुए एक वीडियो में विधायक मैसरखाना ने स्कूलों में अध्यापकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हैं। वह वीडियो में भावुक होकर कह रहे हैं कि उनकी कोई भी नहीं सुन रहा और उन्हें हमेशा किनारे किया जाता रहा।

उल्लेखनीय है कि सुखवीर सिंह मैसरखाना ने वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मौड़ विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और शानदार जीत दर्ज कर पहली बार विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे थे। अपनी जीत के बाद वह अपने क्षेत्र में पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करते रहे हैं।

वर्ष 2026 के दौरान भी वह आप विधायक के रूप में पूरी तरह सक्रिय रहे हैं। मार्च 2026 में वह उस समय काफी चर्चा में आए थे, जब मीडिया रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि उनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इस कदम की पार्टी के साथ-साथ आम लोगों द्वारा भी काफी सराहना की गई थी और इसे सरकारी शिक्षा प्रणाली में विश्वास बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा गया था।

हालांकि, पिछले कुछ समय से पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से संकेत मिल रहे थे कि सुखवीर सिंह मैसरखाना और पार्टी हाईकमान के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद चल रहे थे। इन मतभेदों और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतों के बाद ही पार्टी ने यह कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। फिलहाल आप ने उन्हें निलंबित करने का कारण पार्टी विरोधी गतिविधियां बताया है, जबकि इस मामले पर सुखवीर सिंह मैसरखाना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मैसरखाना अपने बचाव में क्या बयान देते हैं।