एस.ए.एस. नगर:- अमर शहीद जत्थेदार बाबा हनुमान सिंह जी के शहीदी स्थान, गुरुद्वारा सिंह शहीदां में शहीदों के सरताज और शांति के पुंज, पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर सुखमनी सेवा सोसाइटी की महिलाओं द्वारा पिछले 40 दिनों से लगातार किए जा रहे श्री सुखमनी साहिब के पाठ का भोग डाला गया। इसके बाद पूरे दिन धार्मिक समागम का आयोजन किया गया।
इस धार्मिक समागम में भाई गुरभेज सिंह गाफिल (फरीदकोट) के इंटरनेशनल ढाडी जत्थे ने श्री गुरु अर्जुन देव जी द्वारा जबर और जुल्म के खिलाफ दी गई अद्वितीय शहादत के बारे में संगत को विस्तार से बताया। भाई योगेश सिंह (हजूरी रागी, गुरुद्वारा मंजी साहिब, आलमगीर) के रागी जत्थे ने अपने रसभीने कीर्तन द्वारा संगत को गुरु चरणों से जोड़ने का प्रयास किया। भाई जतिंदर सिंह (शिरोमणि प्रचारक, दमदमी टकसाल) ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में सुशोभित श्री गुरु अर्जुन देव जी की 30 रागों में रचित 2218 शब्दों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके अलावा, भाई बूटा सिंह (पटियाला), भाई जगतार सिंह (जवादी टकसाल) समेत अन्य रागी जत्थों और गुरुद्वारा सिंह शहीदां के हजूरी जत्थे ने कथा, कीर्तन और गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को निहाल किया। हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान किया।
इस मौके पर विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों की मुफ्त जांच की गई और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा दवाइयां भी मुफ्त वितरित की गईं। संगत के लिए कड़ाह प्रसाद, छोलों का प्रसाद, ठंडे मीठे जल की छबील और गुरु का लंगर अटूट रूप से वितरित किया गया।