हांसी:– पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार ने बताया कि हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल के नेतृत्व में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा साइबर ठगी के पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। नई व्यवस्था के तहत अब एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों पर स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्राप्त होने वाली एक लाख रुपये या उससे अधिक राशि की साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायतों को स्वतः ई-जीरो एफआईआर में परिवर्तित किया जाएगा। इससे मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकेगी तथा संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन को जांच के लिए मामला भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि डीजीपी अजय सिंघल के अनुसार साइबर अपराध वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे साइबर ठगी के पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा तथा ठगी गई राशि को फ्रीज करवाने, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ेंगी।
शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन पीड़ित से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज प्राप्त करेगा। शिकायत की पुष्टि और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के उपरांत नियमित एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि हांसी पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
साइबर ठगी के पीड़ितों को बड़ी राहत एक लाख रुपये या उससे अधिक की शिकायतों पर स्वतः दर्ज होगी ईजीरो एफआईआर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार
