हिसार:– लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने सोमवार को कुलपति कार्यालय में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान 24वें एनएवीएस (NAVS) दीक्षांत समारोह एवं वैज्ञानिक सम्मेलन-2026 की आधिकारिक विवरणिका (ब्रोशर) का औपचारिक विमोचन किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन आगामी 22 एवं 23 अक्टूबर, 2026 को लुवास तथा नेशनल एकेडमी ऑफ वेटरिनरी साइंसेज (इंडिया) के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "विकसित भारत-2047 के लिए स्मार्ट प्रौद्योगिकियों एवं वन हेल्थ अवधारणा के माध्यम से देशी पशुधन एवं कुक्कुट उत्पादन का रूपांतरण : उभरती संभावनाएं" निर्धारित किया गया है।
विवरणिका के विमोचन अवसर पर कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि देशी पशुधन एवं कुक्कुट उत्पादन प्रणाली में आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल नवाचारों तथा वन हेल्थ अवधारणा के समावेश से कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्यमियों तथा पशुपालकों के लिए ज्ञान, अनुभव एवं नवीन शोध उपलब्धियों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।
डॉ. वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में पशुधन एवं कुक्कुट क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने तथा पशु एवं मानव स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए वैज्ञानिक नवाचारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में यह सम्मेलन भविष्य की रणनीतियों एवं अनुसंधान की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन में देशभर से पशु चिकित्सक, वैज्ञानिक, शोधार्थी, उद्योग प्रतिनिधि, विस्तार विशेषज्ञ तथा प्रगतिशील पशुपालक भाग लेंगे। इस दौरान देशी पशुधन एवं कुक्कुट उत्पादन प्रणालियों के आधुनिकीकरण, उत्पादकता वृद्धि, जलवायु अनुकूल पशुपालन, रोग निगरानी, एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध, जैव सुरक्षा, पशु कल्याण तथा टिकाऊ मूल्य श्रृंखला विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजक सचिव डॉ. प्रवीन कुमार गहलोत एवं डॉ. राजेश छाबड़ा ने बताया कि सम्मेलन के अंतर्गत एक मुख्य (प्लेनरी) सत्र तथा दो तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम तकनीकी सत्र में "देशी ज्ञान प्रणालियां, देशी नस्लें एवं टिकाऊ पशुधन विकास तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए वन हेल्थ" विषय पर चर्चा होगी, जबकि दूसरे तकनीकी सत्र में "देशी पशुधन एवं कुक्कुट प्रणालियों के लिए स्मार्ट तकनीकें, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्रिसिजन नवाचार" विषय पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए शोधार्थियों, संकाय सदस्यों एवं पशु चिकित्सकों से शोध सार (एब्स्ट्रैक्ट) आमंत्रित किए गए हैं। शोध सार भेजने की अंतिम तिथि 27 सितम्बर, 2026 निर्धारित की गई है।
इस अवसर पर पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश खुराना, अनुसंधान निदेशक डॉ. सुशीला मान, विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश छाबड़ा, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीन कुमार गहलोत, डॉ. स्वाति दहिया, डॉ. अखिल गुप्ता, डॉ. तरुण, डॉ. मान सिंह, डॉ. महावीर, डॉ. संदीप पनिहार तथा डॉ. सोनू सहित विश्वविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।