खरड़ (दविंदर कौर सहोता), 15 अक्टूबर:- परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों की ओर से दिए गए बंद के आह्वान के चलते आज खरड़ शहर पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान शहर के बाजार और दुकानें बंद रहीं। खरड़ बस स्टैंड पर विभिन्न किसान, धार्मिक और वामपंथी संगठनों, शिरोमणि अकाली दल (बादल) तथा अकाली दल अमृतसर की ओर से रोष धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

इस अवसर पर किसान नेताओं जसपाल सिंह, दविंदर सिंह और गुरमीत सिंह खुन्नी माजरा तथा कम्युनिस्ट नेता हरमेल सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य से नशे का खात्मा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन ऐसे लोगों की हत्या की घटनाएं समाज में चिंता पैदा कर रही हैं।

नेताओं ने कहा कि मानसा में परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हुई हत्या राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नशे के कारोबार में शामिल लोगों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए।

पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम पर सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार नशे के खात्मे के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में नशे की समस्या घटने के बजाय और गंभीर होती जा रही है।

नेताओं ने सरकार से मांग की कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और राज्य के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।