करनाल, 31 अक्टूबर: कहा जाता है कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं। जब इंसान उम्मीद छोड़ देता है, तब डॉक्टर की कोशिश उसे फिर से जिंदगी दे सकती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया करनाल के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सरदार हरदीप सिंह ने, जिन्होंने एक फैक्ट्री कर्मचारी की कटी-टूटी उंगलियों को सफलतापूर्वक जोड़कर उसका जीवन बदल दिया। दिल्ली में कार्यरत शारिक सिद्दीकी लगभग एक महीने पहले फैक्ट्री दुर्घटना का शिकार हो गए थे। 
मशीन उनके हाथ पर गिर पड़ी, जिससे उनकी कई उंगलियाँ बुरी तरह कट-टूट गईं। दुर्घटना के बाद उन्हें त्वरित उपचार मिला, परंतु उंगलियां सही तरीके से नहीं जुड़ पाईं और हाथ में लगातार दर्द व सूजन बनी रही। 
उन्हें दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली सहित कई स्थानों के प्रतिष्ठित अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन कहीं भी उन्हें न भर्ती किया गया और न ही उम्मीद दी गई कि हाथ फिर से ठीक हो सकेगा। 
आखिरकार जब परिवार करनाल के गुरुनानक हॉस्पिटल पहुँचा, तो डॉ. हरदीप सिंह ने उपचार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि कोशिश करना मेरा काम है, बाकी सब ऊपर वाले पर निर्भर है। जिस केस को बड़े-बड़े अस्पतालों ने असंभव बताया, उसे डॉ. हरदीप सिंह ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया और सफल ऑपरेशन कर उंगलियों को जोड़ दिया। आज शारिक अपने हाथ को चलते-फिरते देखकर बेहद खुश हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। 
इस सफलता पर जमीयत उलमा-ए-हिन्द के मौलाना हामिद सिद्दीकी और पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर, हरियाणा राज्य हज कमेटी, खुर्शीद आलम ने संयुक्त रूप से डॉ. हरदीप सिंह को श्री कृष्णा कृपा का अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। 
मौलाना हामिद सिद्दीकी ने कहा कि जिसका भरोसा रब पर होता है, वह कभी निराश नहीं होता। डॉक्टर साहब ने हमारे दामाद को नया जीवन दिया है शारिक ने धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं डर गया था कि मेरा हाथ शायद कभी ठीक न हो। लेकिन आज मेरी उंगलियां दोबारा काम कर रही हैं, इसके लिए मैं अल्लाह और डॉक्टर साहब का शुक्रगुजार हूं।