करनाल, 23 अक्टूबर (प्रवीण वालिया):- जिला पुलिस करनाल की डायल 112 टीम ने तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नहर में डूब रही एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर सराहनीय कार्य किया है।

पुलिस अधीक्षक करनाल श्री करन गोयल, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के तहत करनाल पुलिस आमजन की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत काछवा नहर पुल के पास एक महिला के नहर में कूदने की सूचना डायल 112 पर प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही ईआरवी इंचार्ज उप निरीक्षक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में डायल 112 की ईआरवी-429 टीम तुरंत हरकत में आई और बिना देरी किए मौके पर पहुंची।


करीब 1 किलोमीटर तक नहर की पटरी पर तलाश कर महिला को बचाया:

मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने महिला की तलाश शुरू की। टीम ने नहर की पटरी के किनारे-किनारे तलाश करते हुए करीब 1 किलोमीटर तक पैदल चलकर खोजबीन की। लगातार प्रयासों के बाद महिला कैथल पुल के नजदीक नहर के पास जीवित अवस्था में मिली।

महिला की स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तत्परता से उसे नहर से बाहर निकाला। इसके बाद महिला को प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाने के लिए तुरंत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, करनाल पहुंचाया गया।


सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम, समय रहते उपलब्ध करवाई सहायता:

डायल 112 की ईआरवी-429 टीम द्वारा सूचना मिलते ही की गई त्वरित कार्रवाई और लगातार तलाश के प्रयासों से महिला को समय रहते सहायता उपलब्ध करवाई जा सकी। ईआरवी इंचार्ज उप निरीक्षक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया।

पुलिसकर्मियों की तत्परता से महिला को नहर से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और जनसेवा के प्रति समर्पण का यह सराहनीय उदाहरण है।


आमजन की सुरक्षा और जीवन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है करनाल पुलिस:

पुलिस अधीक्षक करनाल श्री करन गोयल, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के तहत जिला पुलिस करनाल आमजन की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए सदैव तत्पर है। पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और बहुमूल्य जीवन की रक्षा करना भी है।