करनाल, 11 अक्टूबर: हरियाणा के करनाल में आज सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एडीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार के परिवार के साथ सरकार घोर अन्याय कर रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में होनी चाहिए, क्योंकि एसआईटी जांच से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। हुड्डा करनाल में हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पूर्व सदस्य राम शरण भोला के निवास पर पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं और समाज के अनेक वर्गों ने उनका स्वागत किया। यहां पर रविदास सभा के साथ रविदास मंदिर के संतों ने पहुंच कर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को आशीर्वाद दिया।
उन्होने कहा कि श्री भोला उनके पारिवारिक सदस्य हैं। यहां पर जिस तरह से उन्हेांने सभी समाज के लोगों को एकत्रित किया है। उससे वह प्रभावित हैं। उनके साथ पूर्व मंत्री भीम सैन मैहता,सतीश सैनी सुरजीत सिांह सैनी राकेश काम्बोज, सुमिता सिंह, कांग्रेस के शहरी प्रधान पराग गाबा, राजेश वैद्या, थे। हरियाणा में जब आईपीएस रैंक के वरिष्ठ अफसर को बीजेपी सरकार में न्याय नहीं मिल रहा तो आमजन सरकार से क्या उम्मीद करे।
देश का हर वो इंसान जिसमें इंसानियत है, जो संविधान में विश्वास रखता है वो चाहता है कि न्याय हो और न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए। न्याय का अर्थ है निष्पक्ष जांच में जो दोषी हो उसको कड़ी से कड़ी सजा मिले। निष्पक्ष जांच तब होगी जब देश का विश्वास बनेगा कि जांच को कोई प्रभावित नहीं करेगा। कोई निर्दोष फंसे नहीं और दोषी बचे नहीं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार अब तक चुप क्यों है? 5 दिन बाद भी कोई बयान क्यों नहीं आया।
ये सरकार जनभावनाओं पर नहीं बनी इसीलिये इतनी संवेदनहीनता दिखायी दे रही, लोकतंत्र लोकलाज जनसंवेदना से चला करते हैं। उन्होंने कहा कि दलित समाज समेत पूरा देश आज देश-प्रदेश की सरकार की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है कि न्याय हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। सरकार सुनिश्चित करे कि परिवार को न्याय मिले, देरी न हो; न्याय होता हुआ दिखे और कोई भी जांच प्रभावित न कर पाए। जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा हम जिम्मेदार विपक्ष की तरह हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि आई पीएस रैंक के वरिष्ठ और होनहार आईपीएस अधिकारी को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा हो तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या चल रहा होगा। पुलिस परिवार के वरिष्ठतम अधिकारियों, कानून-व्यवस्था के मुख्य-संरक्षकों पर उत्पीडऩ, जातिगत भेदभाव और प्रताडऩा के आरोप पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज पूरा सिस्टम संदेह के घेरे में है, जब न्याय देने वाले ही आरोप के घेरे में हो तो पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है।
सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच तभी संभव है जब एसआईटी जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करायी जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो और जाँच में निर्धारित दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। कर्नाटक, महाराष्ट्र की तर्ज पर हरियाणा में वोटर सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी। करनाल में हर रोज कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। चुनाव जीतने के लिये किसानों को 3100 का भाव देने, महिलाओं को 2100 देने की बात कही गयी। लेकिन चुनाव के बाद किसान को एमएसपी तक नहीं मिल रही है, वहीं महिलाओं पर तरह तरह की शर्तें थोप दी गयी।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में कोई काम नहीं किया। हरियाणा को विकास की पटरी से ही नहीं उतारा बल्कि हरियाणा की राजनीति को ही पटरी से उतार दिया और नकारात्मक राजनीति की पटरी पर चढ़ा दिया। उन्होंने लोगों को संकल्प दिलाया कि हरियाणा में बदलाव होने तक सच्चाई के रास्ते पर संघर्ष करेंगे। कांग्रेस पार्टी हरियाणा में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभायेगी।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुरेन्द्र नरवाल, जिला पार्षद रामपाल कमालपुर, दिलबाग मोर, राजबीर शर्मा, तेजी मान, निश्चाय सोही, सतीश राणा, निपी मान, रनपाल संधु, कृष्ण बस्ताड़ा ,हरी राम साबा अंग्रेज सैनी, पप्पू लाठर, राजपाल संधु, प्रदीप चोपड़ा, ललित अरोडा, रजत लाठर, अमरजीत धीमान,रामफल ,दिलीप प्रभुदयाल वलविंदर रोहित , समेत अनेक नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंसाफ का इंटरवल नहीं फाइनल सीन चाहिए दीपेंद्र हुड्डा का सरकार पर सीधा वार।
