सिरसा, 27 जुलाई:- डेरा सच्चा सौदा सिरसा के एमएसजी भारती खेल गांव, डेरा सच्चा सौदा सिरसा में चल रही चार दिवसीय सीबीएसई नॉर्थ जोन-2 बॉयज स्विमिंग चैंपियनशिप के दूसरे दिन स्विमिंग पूल में उत्साह अपने चरम पर नजर आया। सुबह होते ही खिलाड़ी अपनी-अपनी निर्धारित प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुट गए। इस मौके पर विभिन्न आयु वर्गों के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता और उप-विजेता के रूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कई मुकाबले इतने कड़े थे जिनके बीच का अंतर सिर्फ कुछ मिली सेकंड का रहा। हर रेस के बाद दर्शकों की तालियों की गूंज और खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत का उत्साह पूरे कैंपस में खेल भावना का संदेश दे रहा था। दूसरे दिन के दौरान मुकाबलों का दबाव पहले दिन की तुलना में अधिक दिखाई दिया।
अब खिलाड़ियों की नजर सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करने पर नहीं, बल्कि अगले सेशन में जगह पक्की करने पर भी थी। यही कारण रहा कि हर प्रतियोगी पूरे आत्मविश्वास और रणनीति के साथ पूल में उतरा। कोच भी लगातार खिलाड़ियों की तकनीक, स्पीड और टाइमिंग पर नजर रख रहे थे और हर रेस के बाद जरूरी सुझाव देते नजर आए। मुकाबले में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों ने बताया कि इस स्तर के मुकाबले उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं हैं। दूसरे दिन भी कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन और प्रबंधों का स्तर आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेवादार खिलाड़ियों, अधिकारियों और अभिभावकों की मदद में लगातार लगे रहे जबकि मेडिकल टीम, सुरक्षा प्रबंध, साफ पीने का पानी, भोजन और आराम वाली जगहों के प्रबंधों ने बाहर से आए प्रतियोगियों को किसी तरह की असुविधा महसूस नहीं होने दी।
फरीदाबाद से अपने पिता मनजीत सिंह के साथ आया प्रतियोगी अकालबीर सिंह कि इससे पहले नेशनल और स्टेट मुकाबले में भी अपना लोहा मनवा चुके थे जो आज सिरसा में भी अपने नतीजे से संतुष्ट नजर आए। मनजीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों को हर सुविधा मिल रही है जो कि बड़ी बात है। उन्होंने प्रबंधकों द्वारा किए गए प्रबंधों के प्रति संतुष्टि जताई। स्विमिंग में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए फरीदाबाद से आए हुए कृष मोहिंद्रा ने बताया कि मुकाबले में इस्तेमाल हो रहे आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टाइमिंग सिस्टम ने भी सभी का ध्यान खींचा है। उन्होंने बताया कि सटीक नतीजे कुछ ही पलों में घोषित होने से मुकाबला पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से सही नजर आया है। कृष के पिता ने बताया कि हमने पहली बार ऐसा योजनाबद्ध और सेवाभाव वाला क्षेत्र देखा है।
उन्होंने बताया कि वे उत्तर ही नहीं बल्कि दक्षिण भारत की कई जगहों पर गए हैं, बड़ी यूनिवर्सिटियों में गए पर यहां आकर जो सुविधाएं मिली हैं वाकई काबिले तारीफ हैं। बच्चों और अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि वे जहां भी जाएं तो उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें ताकि उनके अभ्यास और नतीजे पर असर न पड़े, पर इस स्टेडियम में जो प्रबंध किया गया है उसका कोई सानी नहीं है। मुकाबले में अपने बच्चों के साथ पहुंचे राहुल, करण, सुनील, रामनिवास, सुरभि आदि ने बताया कि माता-पिता पूरा समय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। हर सफल रेस के बाद तालियों से खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। कई अभिभावकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।