ऊना (संतोषगढ़), 25 जून- आज नगर परिषद संतोषगढ़ की सब्जी मंडी में किसानों को ई नाम योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल से संबंधित जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से एक कृषक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृषि उपज मंडी समिति ऊना के सचिव भूपेंद्र सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा उनके साथ अधीक्षक गुरदयाल सिंह, नीलामीकर्ता दीक्षा कुमारी, शैवी जरयाल, विपिन कुमार, मंडी पर्यवेक्षक पूनम संधू, मंडी विश्लेषक मदन, डाटा एंट्री ऑपरेटर धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे।
 इस कृषक जागरूकता शिविर में उपस्थित किसानों को जानकारी प्रदान करते कृषि उपज मंडी समिति ऊना के सचिव भूपेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि देश के किसान भाई-बहनों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए और अपनी फसल बेचने में हर वर्ष होने वाली समस्या को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा ई नाम रजिस्ट्रेशन नाम की योजना को आरम्भ किया गया, यह राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के नाम से भी जाना जाती है। 
किसानों को हर वर्ष होने वाली समस्या जैसे फसल का उचित रेट न मिलना दलालों द्वारा बेचने पर समय पर पैसे न मिलना आदि शिकायते रहती हैं, इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू किया गया है। ई नाम पोर्टल किसानों को अपनी फसल ऑनलाइन बेचने की सुविधा प्रदान करता है।
राष्ट्रीय कृषि बाजार ई नाम एक पैन इंडिया इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल है, जो कृषि से जुड़ी उपज के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करने में मौजूदा ए.पी.एम.सी मंडी का एक प्रसार है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी फसल को कहीं से भी ऑनलाइन बेच सकते है तथा बेचीं गई फसल का भुगतान डायरेक्ट अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकते है | 
उन्होंने बताया कि ई नाम पोर्टल से किसानों को कृषि उत्पादों की विक्री के लिए एक से अधिक विकल्प मिल जाते हैं। किसान की पहुँच सीधे गोदाम तक हो जाती है जिससे उसे मंडी तक उत्पाद पहुँचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती है। 
ई नाम मंच के माध्यम से थोक विक्रेताओं, प्रसंस्कर्ताओं, निर्यातकों आदि को स्थानीय मंडी/बाजार में प्रत्यक्ष प्रतिभागिता करने का अवसर मिल जाता है जिस कारण बिचौलियों का खर्च घट जाता है। भविष्य में धीरे-धीरे ई नाम के अन्दर पूरे देश की सभी बड़ी मंडियाँ आ जाएंगी जिसके फलस्वरूप लाइसेंस देने, शुल्क लगाने और उत्पादों को इधर-उधर ले जाने की प्रक्रियाएँ समरूप हो जाएँगी। 
इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने मंडी में आ रही दिक्कतों बारे भी चर्चा की तथा ई नाम की जानकारी प्राप्त करने बारे प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।