नवांशहर- इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन (इफ्टू) पंजाब ने भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम में किए गए संशोधन को श्रमिकों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने के लिए 13 जून को विधायकों को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया है।
इफ्टू के राज्य प्रेस सचिव जसबीर दीप ने जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला इफ्टू राज्य कमेटी की ऑनलाइन मीटिंग में लिया गया, जिसमें इफ्टू के राज्य अध्यक्ष कुलविंदर सिंह वड़ैच, राज्य सचिव राज सिंह मलोट, सहायक सचिव अवतार सिंह तारी, जुगिंदरपाल गुरदासपुर और अन्य राज्य कमेटी सदस्यों ने हिस्सा लिया।
मान सरकार ने 20 श्रमिकों वाली दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट दे दी है और इनमें काम करने वाले श्रमिकों से अपनी खुद की पंजीकृत यूनियन बनाने का अधिकार भी छीन लिया है। इन प्रतिष्ठानों में श्रमिकों को पहले भी ओवरटाइम नहीं दिया जाता था और भविष्य में भी नहीं दिया जाएगा।
इस तरह मान सरकार केंद्र की मोदी सरकार की चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को चुपके से लागू कर रही है। दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पहले से ही मजदूरों को 8 घंटे की जगह 10 घंटे काम करना पड़ता था, लेकिन मान सरकार ने उनकी दिहाड़ी बढ़ाकर 12 घंटे करके अपना मजदूर विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।
इफ्टू 13 जून को विधायकों को ज्ञापन सौंपकर ‘पंजाब दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान संशोधन’ वापस लेने का आग्रह करेगा
